AI फोटो
Who Will Next Bihar DGP: पटना/आशुतोष कुमार: बिहार के पुलिस महकमे में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही चर्चा में है कि राज्य का अगला पुलिस महानिदेशक (DGP) कौन होगा? वर्तमान डीजीपी विनय कुमार 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक यानी 21 दिनों की छुट्टी पर हैं. उनकी गैरमौजूदगी में होम गार्ड की डीजी प्रीता वर्मा को फिलहाल तत्काल प्रभार सौंपा गया है.
हालांकि, आगामी 6 अक्टूबर को छुट्टी से लौटने के बाद विनय कुमार बतौर डीजीपी कार्यभार संभालेंगे या नहीं, इसे लेकर अटकलों का दौर जारी है, क्योंकि उनका कार्यकाल 12 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है.
डीजीपी पद के प्रमुख दावेदार (Bihar DGP Race)
सामान्य प्रक्रिया के तहत किसी भी डीजीपी का कार्यकाल खत्म होने से तीन महीने पहले नए चयन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. नियमों के मुताबिक, डीजीपी पद के लिए उन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों पर विचार होता है जो डीजी या एडीजी रैंक के हों, जिनकी सेवा के लगभग 30 वर्ष पूरे हो चुके हों और जिनकी सेवानिवृत्ति में कम से कम 6 महीने की सेवा बाकी हो.
रेस में शामिल प्रमुख 10 IPS (Bihar DGP List For Race)
- प्रीता वर्मा (1991 बैच – सेवानिवृत्ति: 30 जून 2028)
- भृगु श्रीनिवासन (1992 बैच – सेवानिवृत्ति: 31 अगस्त 2027)
- जितेंद्र सिंह गंगवार (1993 बैच – सेवानिवृत्ति: 31 अगस्त 2027)
- सुनील कुमार झा (1993 बैच – सेवानिवृत्ति: 30 जनवरी 2027)
- अरविंद कुमार (1993 बैच – सेवानिवृत्ति: 31 अक्टूबर 2026)
- जितेंद्र कुमार (1993 बैच – सेवानिवृत्ति: 31 मार्च 2030)
- कुंदन कृष्णन (1994 बैच – सेवानिवृत्ति: 31 मार्च 2029)
- परेश सक्सेना (1994 बैच – सेवानिवृत्ति: 31 दिसंबर 2026)
- निर्मल कुमार आजाद (1994 बैच – सेवानिवृत्ति: 31 दिसंबर 2027)
- 1994 बैच के आईपीएस अमित कुमार वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर एसपीजी में सेवाएं दे रहे हैं.
ये भी पढ़ें: पुजारी के खून से लाल हुआ लालपुर, मंदिर के अंदर ईंटों से कुचलकर हत्या; एटा के गब्बर ने क्यों किया कत्ल?
राजनीतिक बयानबाजी और विपक्ष के सवाल (Opposition On Bihar DGP Race)
इस प्रशासनिक घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को भी गरमा दिया है. विपक्षी दलों का मानना है कि अचानक छुट्टी पर जाने के पीछे सरकार की अपनी पसंद का डीजीपी नियुक्त करने की रणनीति हो सकती है. हालांकि, सत्ता पक्ष ने इन तमाम अटकलों और कयासों को पूरी तरह खारिज किया है. अंतिम निर्णय यूपीएससी के पैनल और मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर ही लिया जाना है, जिससे यह साफ है कि आने वाले कुछ दिनों में बिहार पुलिस के शीर्ष नेतृत्व को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



