उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में सीएम योगी ने सख्त और संवेदनशील रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर अराजकता स्वीकार नहीं की जाएगी. एक तरफ जहां उन्होंने मोहर्रम को लेकर कड़े सुरक्षा निर्देश जारी किए, वहीं दूसरी तरफ नीट परीक्षा देने जा रहे लाखों छात्रों को बड़ी राहत देते हुए रोडवेज बसों के किराए में 50 प्रतिशत छूट की घोषणा की.
इस बैठक में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी (DM), पुलिस आयुक्त (CP) और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल रहे. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारी जमीन पर उतरकर पहले से संवाद स्थापित करें ताकि कोई भी अप्रिय घटना न होने पाए.
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज लखनऊ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी पर्व-त्योहारों, नीट परीक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मोहर्रम मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का… pic.twitter.com/O2bGoz66GX
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) June 16, 2026
मोहर्रम पर जारी हुईं सख्त गाइडलाइन
आगामी मोहर्रम के त्योहार की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस और प्रशासन को अत्यंत सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मोहर्रम मातम मनाने का अवसर है, इसे किसी भी प्रकार के शक्ति प्रदर्शन या हुड़दंग का जरिया नहीं बनने दिया जाएगा.
अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध: जुलूसों के दौरान किसी भी प्रकार के पारंपरिक या आधुनिक अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
ताजियों की ऊंचाई का निर्धारण: किसी भी प्रकार की दुर्घटना, जैसे बिजली के तारों से करंट लगने आदि से बचाव के लिए ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगी. सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 10 से 12 फीट से अधिक ऊंचे ताजियों को अनुमति न दी जाए.
नई परंपराओं पर रोक: मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी समाजों की आस्था का पूरा सम्मान किया जाएगा, लेकिन किसी भी जिले में किसी भी नई परंपरा की शुरुआत को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा. जो रूट और परंपराएं पहले से निर्धारित हैं, उन्हीं का पालन करना होगा.
‘कानफोड़ू डीजे’ पर लगेगा प्रभावी नियंत्रण
विगत वर्षों में त्योहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण और अवांछित अफ़रा-तफ़री की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि त्योहारों की आड़ में कानफोड़ू डीजे बजाने और ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए.
प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे डीजे संचालकों के साथ पहले ही बैठक कर लें और उन्हें निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर ही काम करने की चेतावनी दें. यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता हुआ या अशांति फैलाने का प्रयास करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी. सभी संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं.
नीट (NEET) अभ्यर्थियों के लिए बड़ी सौगात
21 जून को प्रदेश के 59 जनपदों में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर मुख्यमंत्री ने छात्रों के हित में कई बड़े फैसले किए हैं. इस परीक्षा में उत्तर प्रदेश से लगभग साढ़े तीन लाख अभ्यर्थी सम्मिलित होने जा रहे हैं.
किराए में 50 प्रतिशत की रियायत: परीक्षा देने जाने वाले अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में केवल अपना प्रवेश पत्र (Admit Card) दिखाना होगा, जिसके बाद उन्हें किराए में 50 प्रतिशत की भारी छूट दी जाएगी.
अस्थायी आवासीय सुविधाएं: कई छात्र परीक्षा देने के लिए दूसरे जनपदों में जाते हैं, जहां उनके पास रुकने का कोई साधन नहीं होता. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऐसे अभ्यर्थियों के लिए प्रशासन आवश्यक अस्थायी आवासीय और ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित करे.
परीक्षा की शुचिता और अफवाहों पर लगाम: सीएम ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और संवेदनशील माहौल में कराने के निर्देश दिए. सोशल मीडिया पर पेपर लीक या अन्य भ्रामक अफवाहें फैलाने वाले तत्वों पर एलआईयू (LIU) और साइबर सेल को पैनी नजर रखने को कहा गया है.
स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम पर महाअभियान
21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर भी मुख्यमंत्री ने व्यापक तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति और ऋषि परंपरा की अनमोल धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक पहचान मिली है. इस वर्ष यह दिवस ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम के साथ मनाया जा रहा है.
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण: देश के प्रधानमंत्री के मुख्य योग कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पूरे उत्तर प्रदेश के आयोजन स्थलों पर लाइव दिखाया जाएगा.
ग्राम पंचायत स्तर तक आयोजन: प्रदेश की सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों, 762 नगरीय निकायों और नगरीय क्षेत्रों के 14 हजार वार्डों में सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
ऐतिहासिक स्थलों को प्राथमिकता: योग कार्यक्रमों के लिए अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके साथ ही सभी पुलिस लाइनों और पीएसी (PAC) बटालियनों को भी इस अभियान से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा.
विशेष स्वच्छता अभियान: योग दिवस से एक दिन पहले, यानी 20 जून को नगर विकास, ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभागों द्वारा शिक्षण संस्थानों के सहयोग से पूरे प्रदेश में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा.
जनसहभागिता और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका
मुख्यमंत्री ने योग दिवस को केवल एक सरकारी कार्यक्रम न बनाकर इसे जनहित और जनसहभागिता का एक व्यापक अभियान बनाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इन आयोजनों में स्थानीय सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए.
इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों, धार्मिक व सामाजिक संगठनों, योग संस्थानों, एनसीसी (NCC), स्काउट एंड गाइड तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों को जोड़ा जाएगा. प्रत्येक जनपद में इन कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो शासन स्तर पर रिपोर्टिंग करेंगे. इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए भी योग सत्र आयोजित किए जाएंगे.
जनशिकायतों में लापरवाही पर दी सख्त चेतावनी
समीक्षा बैठक के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनशिकायतों के निस्तारण की स्थिति पर कड़ी नाराजगी जाहिर की. सीएम हेल्पलाइन, जनता दर्शन और आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पाया कि कुछ जिलों में आम जनता की समस्याओं को बहुत हल्के में लिया जा रहा है और उनका निस्तारण संतोषजनक नहीं है.
तत्काल सुधार की चेतावनी: मुख्यमंत्री ने लचर प्रदर्शन करने वाले जिलाधिकारियों और कप्तानों को तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि यदि जनता की समस्याओं के समाधान में ढिलाई पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
सीएमओ (CMO) की तैनाती के निर्देश: जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की तैनाती नहीं है, वहां अगले तीन दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से योग्य अधिकारियों की नियुक्ति करने के आदेश दिए गए हैं.
फील्ड पोस्टिंग का एकमात्र आधार ‘मेरिट‘: ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि फील्ड में किसी भी अधिकारी की तैनाती केवल और केवल ‘मेरिट’ (योग्यता और ट्रैक रिकॉर्ड) के आधार पर होनी चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की सिफारिश या पैरवी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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