बैठक करते सीएम (फाइल फोटो)
UP Cabinet Meeting: गुरुवार यानी 9 नवम्बर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में उपस्थित रहेंगे और रामलला के दर्शन करने के बाद महत्वपूर्ण फैसले लेंगे. दीवाली से पहले अयोध्या में होने जा रही इस कैबिनेट बैठक को भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है. खबरों के मुताबिक, सीएम सुबह 11 बजे रामकथा पार्क पहुंचेंगे और अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन करेंगे और फिर यहां से श्री राम जन्मभूमि परिसर का पूजन करने के बाद श्री राम लला विराजमान मंदिर में पूजा कर आशीर्वाद लेंगे. बताया जा रहा है कि इसके बाद सीएम महत्वपूर्ण फैसले कर सकते हैं.
बता दें कि अयोध्या में 11 नवंबर को भव्य दीपोत्सव का आयोजन होने जा रहा है. इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक करने जा रहे हैं. दोपहर करीब 12 बजे अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में मंत्रिमंडल परिषद की बैठक होगी. खबर सामने आ रही है कि करीब 4 घंटे के लिए सीएम योगी अयोध्या में कैबिनेट की बैठक करेंगे. इस दौरान महत्वपू्र्ण फैसलों पर मुहर लग सकती है. तो इसी के साथ ही सीएम के साथ ही उनकी कैबिनेट के मंत्रीगण अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण भी करेंगे. प्रदेश के सभी कैबिनेट मंत्रियों को कैबिनेट की बैठक के लिए अयोध्या में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है.
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बता दें कि मुख्यमंत्री के राज्यपाल से मुलाकात के बाद योगी कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा तेज हो गई है तो इसी बीच इस बैठक को लेकर कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी फैसला लिया जा सकता है. इसी के साथ ही इस मौके पर देवीपाटन धाम तीर्थ विकास परिषद ,अयोध्या तीर्थ विकास परिषद और मुजफ्फरनगर के शुक्रताल धाम तीर्थ विकास परिषद के गठन को हरी झंडी दिखाई जा सकती है. इसी के साथ ये भी माना जा रहा है कि दीवाली से पहले अयोध्या में होने जा रही इस बैठक में कुछ प्रमुख घोषणाएं भी हो सकती हैं.
बता दें कि ये दूसरी बार है जब लखनऊ से बाहर अयोध्या में राज्य कैबिनेट की पहली बैठक होने जा रही है. इससे पहले वर्ष 2019 में प्रयागराज में भी कैबिनेट की बैठक की गयी थी. कहा जा रहा है कि अयोध्या में होने जा रही कैबिनेट की बैठक के लिए 9 नवंबर की तिथि का जो चयन किया गया है, वह इस बात के लिए भी महत्वपूर्ण क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2019 में इसी तारीख को अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था.
तो वहीं इस लिहाज से भी कैबिनेट की बैठक की तारीख को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि, 9 नवंबर 1989 को विश्व हिंदू परिषद ने अयोध्या में राम मंदिर की पहली आधारशिला रखी थी. दरअसल आमतौर पर उत्तर प्रदेश में कैबिनेट की साप्ताहिक बैठक प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार के दिन होती है, लेकिन इस बार गुरुवार का दिन तय किया गया है और स्थान राम नगरी अयोध्या का चयन किया गया है. इसीलिए इस तारीख और स्थान को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं और इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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