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सोनीपत में बजाज फाइनेंस का ‘अर्थसूत्र संवाद’: वित्तीय साक्षरता से युवाओं को सशक्त बनाने पर जोर

बजाज फाइनेंस ने सोनीपत में ‘अर्थसूत्र संवाद’ कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को वित्तीय साक्षरता प्रदान की. जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा, “यह छात्रों को आत्मविश्वास देता है.” साइबर फ्रॉड से बचाव पर जोर दिया गया.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

सोनीपत, 28 अगस्त 2025: भारत की प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस लिमिटेड ने सोनीपत के हिंदू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में ‘अर्थसूत्र संवाद’ (Arthsutra Samvad) नामक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया. यह कार्यक्रम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की वित्तीय जागरूकता पहल के तहत संचालित है और इसका उद्देश्य ग्रामीण तथा कम बैंकिंग सुविधा वाले क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है.

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया, साइबर क्राइम पुलिस अधिकारी सुखबीर सिंह और हिंदू ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के निदेशक प्रोफेसर डॉ. डी.पी. सिंह जैसे प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया. लगभग 200 छात्रों ने इस सत्र में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जहां वित्तीय अनुशासन, धन प्रबंधन और साइबर धोखाधड़ी से बचाव जैसे विषयों पर चर्चा हुई.

नवीन गुलिया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तीय साक्षरता युवाओं को अपना भविष्य आत्मविश्वास से संवारने में सक्षम बनाती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीकी रूप से सक्षम है, लेकिन बैंकिंग की मूल जानकारी आवश्यक है. छात्रों को खुद बैंक खाता खोलने और प्रबंधित करने की सलाह देते हुए उन्होंने आंख मूंदकर किसी पर भरोसा न करने की चेतावनी दी.

हेल्पलाइन नं- 1930 को याद रखना जरूरी

सुखबीर सिंह ने साइबर धोखाधड़ी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हेल्पलाइन नंबर 1930 को याद रखना जरूरी है. यदि धोखाधड़ी की शिकायत एक घंटे के अंदर की जाती है, तो आरोपी का खाता ब्लॉक हो सकता है और पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है. इसे ‘गोल्डन ऑवर’ कहते हुए उन्होंने डिजिटल अरेस्ट स्कैम, फर्जी निवेश ग्रुप्स, संदिग्ध एपीके फाइलें और अनजान लिंक्स से बचने की सलाह दी.

अविकसित क्षेत्रों को मुख्यधारा में जोड़ेंगे: प्रो.

प्रोफेसर डॉ. डी.पी. सिंह ने कहा कि वित्तीय साक्षरता सिर्फ पैसे समझने की बात नहीं, बल्कि भविष्य में विश्वास बनाने की प्रक्रिया है. समय पर भुगतान क्रेडिट हिस्ट्री को मजबूत करता है और बड़े अवसर खोलता है. कार्यक्रम में बचत, आपातकालीन फंड, जिम्मेदार उधार और धोखाधड़ी से बचाव जैसे विषयों पर कार्यशालाएं और चर्चाएं हुईं.
बजाज फाइनेंस के प्रवक्ता ने बताया कि यह पैन-इंडिया पहल अविकसित क्षेत्रों को मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास है.

गांवों में आयोजित होंगे जमीनी स्तर पर सत्र

सोनीपत के बाद हरियाणा के गांवों में जमीनी स्तर पर सत्र आयोजित होंगे, जिसमें सांस्कृतिक आयोजन, इंटरैक्टिव वर्कशॉप और विशेषज्ञ वार्ताएं शामिल होंगी. 100 साल पुराने बजाज समूह का हिस्सा होने के नाते, कंपनी समाज सेवा के लिए प्रतिबद्ध है. यह कार्यक्रम वित्त को सरल बनाकर लोगों को सूझबूझ भरे निर्णय लेने में मदद करेगा, जिससे दीर्घकालिक वित्तीय सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा.



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