Digital India Vision 2045: ग्लोबल टेक पॉलिसी कॉन्फ़ेडरेशन (GTPC) द्वारा आयोजित ‘भारत टेक समिट एंड अवार्ड्स 2025’ (BTSA 2025) एक ऐतिहासिक और शानदार शाम के रूप में संपन्न हुआ, जिसके केंद्र में “इंडिया के डिजिटल विज़न 2045 का निर्माण” रहा. यह समिट जो नई दिल्ली के होटल ताज एंबेसडर में आयोजित की गई, जिसमें भारत को 2045 तक एक वैश्विक प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनाने पर विचार-विमर्श किया गया.
इस भव्य आयोजन में 300 से अधिक प्रौद्योगिकी प्रतिनिधि, 100 से अधिक उद्योग जगत के लीडर्स और नीति निर्माता शामिल हुए. शाम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह के साथ हुई, जिसका नेतृत्व भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने ज्योति भड़ाना और अमित भड़ाना के साथ किया. इस इवेंट का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम में अभूतपूर्व नवाचार को प्रदर्शित करना और उसे आगे बढ़ाना था.
“विज़न, इनोवेशन और एम का उत्सव”
GTPC की प्रतिनिधि और को-होस्ट ज्योति भड़ाना ने अतिथियों का स्वागत करते हुए GTPC और इस समिट के विज़न को प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि BTSA 2025 “विज़न, इनोवेशन और उद्देश्य का एक उत्सव” है. चीफ गेस्ट प्रवीण खंडेलवाल ने भारत की डिजिटल विकास गाथा पर एक शक्तिशाली संबोधन दिया. उन्होंने 2G से 5G और अब 6G की ओर देश की प्रगति, डिजिटल भुगतान के विस्फोट और MSME सशक्तिकरण में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर जोर दिया.
उन्होंने कहा कि यूपीआई का उपयोग करने वाली घरेलू सहायक भी देश के डिजिटल सशक्तिकरण का प्रतीक है. हालांकि, उन्होंने साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते खतरों के प्रति आगाह किया और GTPC से नागरिकों को शिक्षित करने का आह्वान किया. प्रवीण खंडेलवाल ने CAIT के सहयोग से GTPC को एक ‘स्थायी अध्याय’ बनाने और दिल्ली में 2-4 दिवसीय ‘अंतर्राष्ट्रीय ग्लोबल टेक पॉलिसी कॉन्फ्रेंस’ आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, यह कहते हुए कि एक दिन ऐसा आएगा जब प्रधानमंत्री भी इस इवेंट में शामिल होंगे.
वैश्विक सहयोग और साइबर सुरक्षा का महत्व
लंदन के साउथवार्क के पूर्व मेयर सुनील चोपड़ा ने अपने संबोधन में भारत की सॉफ्ट पावर और यूके-भारत सहयोग के अवसरों की प्रशंसा की. उन्होंने GTPC को इस अवार्ड समारोह को लंदन लाने का प्रस्ताव दिया, जिसमें वह पूर्ण सहायता प्रदान करेंगे. ईसी-काउंसिल (EC-Council) की इंडिया हेड, मनप्रीत आनंद ने ‘क्रेडिबिलिटी’ को ‘कनेक्टिविटी’ से अधिक महत्वपूर्ण बताते हुए साइबर सुरक्षा कौशल अंतर पर ध्यान केंद्रित किया.
उन्होंने कहा, “डिजिटल इंडिया कनेक्टिविटी के बारे में नहीं है – यह विश्वसनीयता के बारे में है.” उन्होंने बताया कि 2030 तक भारत को 10 लाख साइबर सुरक्षा पेशेवरों की आवश्यकता होगी और जोर देकर कहा कि “ट्रस्ट हमारी नई तकनीक है, और रेजिलिएंस हमारा नया निवेश है.”
“औद्योगिक साइबर सुरक्षा” पुस्तक का विमोचन
शाम के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में टाटा कम्युनिकेशंस के साइबर सुरक्षा प्रमुख, श्री बिपिन लोकेगांवकर द्वारा लिखित पुस्तक “औद्योगिक साइबर सुरक्षा” का औपचारिक विमोचन भी शामिल था. यह विमोचन OT/औद्योगिक साइबर सुरक्षा को सुरक्षित करने की बढ़ती आवश्यकता को रेखांकित करता है.
इस इवेंट में दो पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया, जिन्होंने उद्योग के दिग्गजों और नीति निर्धारकों के बीच गहरा संवाद स्थापित किया.
पैनल 1: डिजिटल ट्रांसफोर्मेशन, साइबर सुरक्षा का इन्फ्रास्ट्रक्चर
होंडा, एलएंडटी इंफ्रा और ईसी-काउंसिल के लीडर्स सहित अन्य वक्ताओं ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे बड़े उद्यम डिजिटल भारत के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर का पुनर्गठन कर रहे हैं. वक्ताओं ने डेटा संप्रभुता और खतरों से निपटने की क्षमता को सुरक्षित करने के लिए मजबूत तकनीकी प्रणालियों की आवश्यकता को रेखांकित किया. होंडा के डॉ. अशोक सांगवान ने “भारत की $20 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के विज़न को शक्ति देने” के लिए विश्वसनीय नेटवर्क की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि ईसी-काउंसिल की मनप्रीत आनंद ने अकादमिक और उद्योग के बीच पुल बनाकर साइबर सुरक्षा प्रतिभा को प्रशिक्षित करने की वकालत की.
पैनल 2: एआई, ऑटोमेशन, कम्प्लायंस और स्टार्टअप इनोवेशन
इस चर्चा में इसरो के वैज्ञानिक डॉ. जगदीश शिवहरे, एयरटेल के श्री मृणाल धीर और टीसीएस के श्री अमित खंडूजा जैसे विशेषज्ञ शामिल थे. चर्चा एआई और मानव तालमेल पर केंद्रित थी, जिसमें यह नोट किया गया कि एआई नौकरियों को बदलने के बजाय मानवीय क्षमता को बढ़ा सकता है. डॉ. शिवहरे ने अनुसंधान और व्यावहारिक नवाचार को जोड़ने के महत्व पर जोर दिया, जबकि वक्ताओं ने वैश्विक उत्पाद बनाने के लिए भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को पोषित करने हेतु सरकारी-उद्योग सहयोग को आवश्यक बताया.
भारत टेक अवार्ड्स 2025 के आयोजन में उत्कृष्टता का सम्मान
शाम का समापन भारत टेक अवार्ड्स 2025 के साथ हुआ, जिसमें 40 से अधिक लीडर्स, इनोवेटर्स और ऑर्गेनाइजेशन को पुरस्कृत किया गया, जिन्होंने भारत के डिजिटल परिवर्तन में उत्कृष्ट योगदान दिया है. पुरस्कार श्रेणियाँ साइबर सुरक्षा, क्लाउड, डेटा सेंटर उत्कृष्टता, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और पब्लिक सेक्टर टेक लीडरशिप जैसे प्रमुख क्षेत्रों में थीं.
GTPC के चेयरमैन अमित भड़ाना ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन किया, जिसमें उन्होंने BTSA को GTPC के तहत एक वार्षिक प्रमुख मंच बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. यह आयोजन औपचारिक रात्रिभोज और नेटवर्किंग के साथ संपन्न हुआ, जहाँ सरकारी अधिकारी, पीएसयू, कॉरपोरेट्स और स्टार्टअप्स के संस्थापक भविष्य के सहयोग पर चर्चा करने के लिए अनौपचारिक रूप से जुड़े.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




