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पीएम मोदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 अभूतपूर्व भागीदारी वाले वैश्विक कार्यक्रम के रूप में उभरा

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) 2026 के अवसर पर भारत और विश्वभर में अभूतपूर्व भागीदारी देखी गई. इससे स्वास्थ्य और कल्याण के लिए वैश्विक कार्यक्रम के रूप में योग की बढ़ती भूमिका पुनः स्थापित हुई है.

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि योग अब सिर्फ भारत की परंपरा नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की जीवनशैली बन चुका है. भारत समेत कई देशों में इस मौके पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम हुए, जिनमें आम लोगों से लेकर बड़े नेता तक शामिल हुए. जगह-जगह योग सत्रों और सामूहिक अभ्यास ने माहौल को उत्साह से भर दिया.

पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित ऐतिहासिक रेड रोड पर हुए मुख्य आयोजन में करीब 35,000 लोगों ने एक साथ योग किया. इस साल की थीम ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ ने लोगों को स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन और फिटनेस के लिए योग अपनाने का संदेश दिया.

पीएम मोदी ने जताया आभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वैश्विक भागीदारी के लिए दुनिया भर के लोगों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि योग आज सीमाओं से परे जाकर मानवता को जोड़ने का माध्यम बन चुका है. अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, मिस्र से लेकर एशिया और अफ्रीका तक कई देशों में योग सत्र आयोजित किए गए. न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भी बड़ी संख्या में लोगों ने योग में हिस्सा लिया.

भारत के अलग-अलग कोनों में योग का उत्सव

देश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जबलपुर में सामूहिक योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जबकि उपराष्ट्रपति ने लेह में योग किया. लोकसभा अध्यक्ष ने संसद परिसर में सांसदों के साथ योग सत्र का नेतृत्व किया.

लाल किला, कोणार्क सूर्य मंदिर, हम्पी, चारमीनार, गेटवे ऑफ इंडिया, नालंदा और महाबलीपुरम जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर योग कार्यक्रमों ने इस दिन को और खास बना दिया.

गंगोत्री से गंगासागर तक योग यात्रा

इस बार योग दिवस का एक खास आकर्षण ‘गंगोत्री से गंगासागर’ अभियान रहा, जिसमें करीब 2525 किलोमीटर लंबा योग संदेश अभियान चलाया गया. ऋषिकेश, वाराणसी, प्रयागराज, पटना और हुगली जैसे घाटों पर लोगों ने सामूहिक योग कर इस परंपरा को आगे बढ़ाया.

योग संगम पोर्टल के अनुसार इस साल 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 3 करोड़ से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया. लाखों तस्वीरें अपलोड हुईं और हजारों संगठनों ने भागीदारी दर्ज कराई. कई जगह रिकॉर्ड भी बने—बुलढाणा में 5000 लोगों ने एक साथ त्रिकोणासन किया, जबकि कन्हा शांति वनम में 6000 लोगों ने भुजंगासन कर रिकॉर्ड बनाया.

रक्षा मंत्रालय, आईटीबीपी, एनसीसी और कई अन्य संस्थानों ने भी बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम किए. आईटीबीपी ने 14,000 फीट की ऊंचाई पर पैंगोंग त्सो में योग किया, जबकि एनसीसी के 83 लाख कैडेट्स ने देशभर में योग कर एक मिसाल पेश की.

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भारत एक्सप्रेस



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