भारत के युवाओं और ऑफ-रोडिंग के शौकीनों के दिलों पर राज करने वाली महिंद्रा की बेहद लोकप्रिय एसयूवी थार (Mahindra Thar) को खरीदने का सपना अब थोड़ा और महंगा हो गया है. महिंद्रा एंड महिंद्रा ने एक बार फिर अपनी इस धाकड़ गाड़ी की कीमतों में तगड़ी बढ़ोतरी कर दी है, जो 10 जुलाई से प्रभावी हो चुकी है.
पिछले 7 महीनों के भीतर यह तीसरा मौका है जब थार की कीमतों में बदलाव किया गया है. इससे पहले जनवरी में इसके दाम ₹20,000 और फिर अप्रैल 2026 में ₹43,000 तक बढ़ाए गए थे. अब इस ताजा हाइक के बाद थार के सभी वेरिएंट्स ₹27,000 से लेकर ₹37,000 तक महंगे हो गए हैं.
वेरिएंट के हिसाब से कितनी बढ़ी कीमत?
कंपनी ने इस मूल्य वृद्धि के पीछे लगातार बढ़ती कमोडिटी और इनपुट लागत को मुख्य वजह बताया है. इस बढ़ोतरी के बाद थार की नई एक्स-शोरूम कीमत ₹10.32 लाख से शुरू होकर टॉप-एंड मॉडल के लिए ₹18.00 लाख (एक्स-शोरूम) तक पहुंच गई है.
टॉप वेरिएंट (LXT 4WD 2.2 डीजल ऑटोमैटिक): इसमें सबसे ज्यादा ₹37,000 की बढ़ोतरी हुई है.
LXT 4WD पेट्रोल ऑटोमैटिक: यह वेरिएंट ₹36,000 महंगा हुआ है.
एंट्री-लेवल वेरिएंट (AXT 2WD डीजल 1.5 मैन्युअल): इसके दाम में ₹32,500 की वृद्धि दर्ज की गई है.
अन्य वेरिएंट्स (2WD पेट्रोल और डीजल मैन्युअल): इनकी कीमतों में ₹27,000 से ₹29,500 तक का इजाफा हुआ है.
महिंद्रा थार की बेजोड़ ताकत और खूबियां
थार के महंगे होने के बावजूद इसकी दीवानगी कम नहीं हो रही है, जिसका कारण इसकी जबरदस्त ताकत है. थार 3-डोर मॉडल तीन दमदार इंजनों— 1.5-लीटर डीजल, 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल और 2.2-लीटर एमहॉक डीजल इंजन के विकल्प में आती है. इसमें 6-स्पीड मैन्युअल और टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का शानदार कॉम्बिनेशन मिलता है. ऑफ-रोडिंग के लिए इसमें 4×4 (फोर-व्हील ड्राइव) और सामान्य रास्तों के लिए 4×2 (रियर-व्हील ड्राइव) के विकल्प मौजूद हैं. इसका ग्राउंड क्लीयरेंस 226mm है, जो इसे ऊबड़-खाबड़ रास्तों, कीचड़ और पानी भरे रास्तों को आसानी से पार करने की शक्ति देता है. इसके अलावा, क्रूज़ कंट्रोल, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट और मजबूत रोल केज इसे बेहद सुरक्षित और आधुनिक बनाते हैं.
बढ़ते क्रेज के बीच थार का ‘रफ एंड टफ’ कल्चर
क्यों बढ़ रही है रसूखदार और जमींदार घरानों में थार की खरीद?
हाल के वर्षों में भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में यह साफ देखा गया है कि देश के अमीर, रसूखदार और विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के रसूख वाले घरानों में थार की खरीद सबसे ज्यादा बढ़ी है. इसका मुख्य कारण गाड़ी का ऊंचा, चौड़ा मस्कुलर लुक और सड़क पर दिखने वाला भारी-भरकम दबदबा (Road Presence) है. इन घरानों में थार को एक स्टेटस सिंबल और ‘रफ-एंड-टफ’ लाइफस्टाइल के प्रदर्शन के तौर पर देखा जाता है, जो उनकी सामाजिक हनक को दिखाता है.
सड़क पर बढ़ता दुस्साहस और सोशल मीडिया रील का जानलेवा खेल
हालांकि, इस बढ़ती लोकप्रियता के साथ एक बेहद चिंताजनक पहलू भी सामने आया है. दिल्ली-एनसीआर और इसके निकटवर्ती राज्यों में ऐसी कई घटनाएं और शिकायतें दर्ज की गई हैं जहां कुछ हुड़दंगी थार चालक सड़क पर अन्य दोपहिया वाहन चालकों (जैसे बाइक, साइकिल) और हल्के वाहनों को जानबूझकर रौंदने या डराने की फिराक में रहते हैं. दबंगई दिखाने के चक्कर में कई बार छोटे वाहनों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है.
इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर रील्स और लाइक्स बटोरने के लिए युवाओं में खतरनाक स्टंट का चलन बढ़ा है. हाल ही में एक ऐसा ही वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें एक गांव की सड़क पर एक ट्रैक्टर और थार को एक-दूसरे के विपरीत दिशा में लोहे की जंजीर से बांधकर उनकी ताकत (टग ऑफ वॉर) को परखा जा रहा था. सार्वजनिक सड़कों पर किया जाने वाला ऐसा जानलेवा और गैर-जिम्मेदाराना खेल न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि किसी भी वक्त बेहद गंभीर और जानलेवा हादसे का कारण बन सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि ताकतवर गाड़ी चलाने के साथ-साथ चालकों में सामाजिक जिम्मेदारी और यातायात नियमों के प्रति सम्मान होना बेहद अनिवार्य है.
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