टाटा बना देश का सबसे कीमती ब्रांड
भारतीय कॉर्पोरेट जगत के दिग्गज ‘टाटा समूह’ (Tata Group) ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए देश के सबसे मूल्यवान ब्रांड का खिताब अपने नाम कर लिया है. अमेरिका की प्रतिष्ठित फिनटेक फर्म ‘ऑनडेक’ (OnDeck) द्वारा जारी की गई एक ताजा स्टडी के अनुसार, टाटा समूह 31.6 अरब डॉलर (करीब 3 लाख करोड़ रुपये) की भारी-भरकम ब्रांड वैल्यू के साथ भारत का नंबर वन ब्रांड बनकर उभरा है.
साल 1868 में स्थापित हुए इस ऐतिहासिक टाटा समूह का कारोबारी साम्राज्य आज ऑटोमोबाइल, स्टील, एविएशन (उड्डयन) और रिटेल जैसे देश के प्रमुख और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फैला हुआ है.
वैश्विक स्तर पर एप्पल का दबदबा कायम
अगर वैश्विक रैंकिंग की बात करें, तो इस सूची में अमेरिका का दबदबा शीर्ष पर बरकरार है. दिग्गज तकनीकी कंपनी ‘एप्पल’ (Apple) 522.7 अरब डॉलर (करीब 49.87 लाख करोड़ रुपये) की रिकॉर्ड ब्रांड वैल्यू के साथ दुनिया का सबसे मूल्यवान ब्रांड बनी हुई है. एप्पल के बाद दुनिया के टॉप ब्रांड्स में क्रमशः माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और अमेजॉन का स्थान आता है.
ऑनडेक की स्टडी: अन्य देशों का रिपोर्ट कार्ड
इस स्टडी में अन्य प्रमुख देशों के घरेलू मार्केट लीडर्स का भी जिक्र किया गया है:
चीन: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘टिकटॉक’ (TikTok) 105.8 अरब डॉलर (करीब 10 लाख करोड़ रुपये) की वैल्यू के साथ चीन का नंबर वन ब्रांड है.
ब्रिटेन और कनाडा: ब्रिटेन में ‘शेल’ (Shell) और कनाडा में ‘टीडी बैंक’ (TD Bank) सबसे मूल्यवान घरेलू ब्रांड बनकर उभरे हैं.
यूरोप: पूरे यूरोपीय बाजार में लग्जरी, ऑटोमोबाइल और सॉफ्टवेयर सेक्टर का दबदबा देखा गया है, जिसमें मुख्य रूप से फ्रांस की ‘लुई वितां’ (Louis Vuitton) और जर्मनी की ‘एसएपी’ (SAP) सबसे प्रमुख ब्रांड्स के रूप में शामिल हैं.
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