वियतनाम के राष्ट्रपति चुने गए टो लाम, पीएम मोदी ने दी बधाई. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को टो लैम को वियतनाम का राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी. पीएम मोदी ने बधाई संदेश में भारत-वियतनाम के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए राष्ट्रपति टो लैम के साथ काम करने की इच्छा जताई. पीएम मोदी ने भरोसा जताया है कि टो लैम के नेतृत्व में भारत और वियतनाम के बीच समय की कसौटी पर खरी दोस्ती और गहरी होगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ वियतनाम के राष्ट्रपति चुने जाने पर टो लैम को दिल से बधाई. मुझे भरोसा है कि उनके नेतृत्व में, हमारे दोनों देशों के बीच समय की कसौटी पर खरी दोस्ती और मजबूत होती जाएगी.” पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैं अपने लोगों और इलाके की तरक्की और खुशहाली के लिए हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए मिलकर काम करने का इंतजार कर रहा हूं.
वियतनाम की नेशनल असेंबली का फैसला
वियतनाम की नेशनल असेंबली ने मंगलवार को टो लैम को 2026–2031 के कार्यकाल के लिए देश के राष्ट्रपति के रूप में चुना. यह फैसला कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ वियतनाम सेंट्रल कमेटी (सीपीवीसीसी) द्वारा उनके नाम की मंजूरी के बाद लिया गया. वियतनाम की नेशनल असेंबली के ऐलान के बाद पीएम मोदी का ये बधाई संदेश आया. वहां मौजूद सभी 495 डिप्टी ने लैम के चुनाव के लिए तैयार ड्राफ्ट प्रस्ताव के समर्थन में वोट दिया.
टो लैम का राजनीतिक सफर
लैम इससे पहले मई 2024 से अक्टूबर 2024 तक वियतनाम के राष्ट्रपति रह चुके हैं. न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें 2024 में 13वें सीपीवीसीसी का सामान्य सचिव चुना गया था और 23 जनवरी, 2026 को 14वें सीपीवीसीसी की पहली मीटिंग में 2026-2031 के कार्यकाल के लिए इस पद पर फिर से चुना गया.
भारत और वियतनाम के द्विपक्षीय संबंध
भारत और वियतनाम के बीच करीबी और अच्छे द्विपक्षीय संबंध हैं जिन्हें एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी कहा जाता है. वियतनाम में भारतीय दूतावास के बयान के मुताबिक, 2016 में पीएम मोदी के वियतनाम दौरे के दौरान भारत-वियतनाम संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ तक बढ़ाया गया था. भारत-वियतनाम संबंधों का विकास “शांति, समृद्धि और लोगों के लिए संयुक्त दृष्टिकोण” से निर्देशित होता है.
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इसे पीएम मोदी और उस समय के वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक ने 21 दिसंबर, 2020 को हुए वर्चुअल समिट के दौरान अपनाया था. 2022 में, भारत और वियतनाम ने डिप्लोमैटिक संबंधों की स्थापना की 50वीं सालगिरह मनाई और दोनों देश अपने बहुआयामी सहयोग को और मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से मिलकर काम कर रहे हैं.
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