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26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड व आरोपी तहव्वुर राणा की न्यायिक हिरासत की अवधि 8 सितंबर तक के लिए बढ़ी

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा की न्यायिक हिरासत 8 सितंबर तक बढ़ा दी है. सुरक्षा कारणों से राणा को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया.

tahavvur rana

तहव्वुर राणा

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट के एनआईए कोर्ट ने 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड व आरोपी तहव्वुर राणा की न्यायिक हिरासत की अवधि की 8 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया है. सुरक्षा कारणों से राणा को न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया. एनआईए कोर्ट के स्पेशल जज चंदरजीत सिंह ने अपने आदेश में कहा कि अगली सुनवाई में एनआईए द्वारा दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट से संबंधित दस्तावेजों को परीक्षण करेगा. कोर्ट ने इससे पहले राणा को अपने परिवार से बात करने की अनुमति दे दिया था.

वकील बदलने की अर्जी

तहव्वुर राणा ने अर्जी दाखिल कर कहा था कि वह अपना वकील बदलना चाहते हैं और इस बारे में अपने परिवार से सुझाव चाहते है. पिछली सुनवाई में एनआईए ने चार्जशीट में खुलासा किया था कि 26/11 मुंबई आतंकी हमले में कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा ने अहम भूमिका निभाया था. तहव्वुर राणा फिलहाल 13 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में है. हाल ही में एनआईए और मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा की गई पूछताछ में तहव्वुर राणा ने बताया था कि वह 26/11 आतंकी हमले के वक्त मुंबई में मौजूद था.

पाकिस्तान सेना का एजेंट

राणा ने माना है कि वह पाकिस्तान सेना का एजेंट है. उसने बताया कि उसने डेविड कोलमैन हेडली के साथ पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के कई ट्रेनिंग सेशन किए थे. राणा ने यह भी कहा था कि लश्कर असल में एक जासूसी नेटवर्क की तरह काम करता है. उसने यह भी स्वीकार किया था कि छत्रपति शिवाजी टर्मिनल जैसे स्थानों का खुद जाकर रेकी की थी.

रेकी और हमले की योजना

एनआईए ने कोर्ट को बताया था कि राणा के निशाने पर केवल मुंबई शहर ही नहीं थी. राणा हेडली के साथ मिलकर दिल्ली, जयपुर, अजमेर में भी मुंबई जैसा हमला करना चाहता था. लश्कर-ए- तैयबा के इशारे पर राणा काम कर रहा था. भारत सरकार ने पिछले 17 वर्षों से राणा और उसके साथी डेविड कोलमैन हेडली के प्रत्यपर्ण की कोशिश में लगा था, जो कि 2008 में ही अमेरिका में गिरफ्तार हुआ था.

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भारत एक्सप्रेस



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