फिल्म अभिनेता अजय देवगन को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. हाई कोर्ट ने डिपफेक वीडियो, फोटो, सहित AI जनरेटेड अन्य सामग्री को फेसबुक, अमेजॉन सहित अन्य सोशल मीडिया से तुरंत हटाने का निर्देश दिया है. जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने यह निर्देश दिया है.
कोर्ट ने माना अश्लील, आपत्तिजनक डिपफेक सामग्री उनके प्रतिष्ठा, छवि और निजता के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है. इसलिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से इस तरह की सामग्री को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है. लेकिन कोर्ट ने इस स्टेज पर उस सामग्री को हटाने से इनकार किया है जिसमें सिर्फ अजय देवगन की सामान्य फोटो या फैन-मेड कंटेंट है. कोर्ट ने कहा कि फैन पेजों को कुछ स्वतंत्रता देनी होगी. वरना हर फैन पेज को हटाना पड़ेगा. नहीं तो उन्हें अपने कदमों के सारे निशान मिटाने पड़ेंगे.
वेबसाइट और प्लेटफार्म्स को दिया गया चेतावनी
मामले की सुनवाई के दौरान अजय देवगन की ओर से पेश वकील प्रवीण आनंद ने कोर्ट को बताया कि अमेजॉन पर ऐसे कई पोस्टर बिक रहे हैं, जिनमें उनका चेहरा और नाम बिना अनुमति के उपयोग किया गया है. उन्होंने कहा कि इसी तरह टी-शर्ट और कैप भी बेची जा रही हैं. इससे पहले जया बच्चन ने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जया बच्चन ने अपने व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों की सुरक्षा के अलावा कुछ वेबसाइटों और प्लेटफार्मों को उनके नाम और छवि वाली सामग्री सहित अवैध रूप से सामान न बेचने का निर्देश देने की भी मांग की थी.
जया बच्चन ने याचिका में कहा था कि मेरी छवि, नाम और आवाज का अनधिकृत रूप किए जा रहे उपयोग पर रोक लगाई जाए. बता दें कि ऐश्वर्या बच्चन, अभिषेक बच्चन, आराध्या बच्चन, अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, करण जौहर, जैकी श्रॉफ, रजनीकांत और विराट कोहली भी अपने व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा के लिए अदालत का रुख कर चुके है.
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-भारत एक्सप्रेस
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