रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम), उसके ग्रुप की कंपनियों और प्रवर्तक अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट कहा है कि वे अदालत की पूर्व अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने 4 फरवरी को वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी द्वारा उनकी ओर से दिए गए वचन की पुष्टि की है. हलफनामे में अनिल अंबानी ने कहा है कि जुलाई 2025 से वे भारत नहीं छोड़े हैं और एडीएजी कंपनियों के खिलाफ सीबीआई व ईडी की जांच में पूरा सहयोग करने का वचन दिया है.
ईडी के समन पर पेश होंगे अनिल अंबानी
अनिल अंबानी ने हलफनामे में बताया कि उन्हें 26 फरवरी को ED के समक्ष पेश होने के लिए समन भेजा गया है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कथित बड़े बैंकिंग और कॉरपोरेट धोखाधड़ी की जांच के लिए ईडी को एसआईटी गठन करने का आदेश दिया था. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने यह आदेश दिया था. सुनवाई के दौरान आरकॉम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को भरोसा दिया था कि अनिल अंबानी देश छोड़कर नहीं जाएंगे.
कोर्ट ने जांच में देरी पर जताई नाराजगी
CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि वे कठोर आदेश पारित नहीं करना चाहते, लेकिन वे ईडी और CBI की स्टेटस रिपोर्ट देखना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि यह 40,000 करोड़ की हेराफेरी का मामला है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि इस पर संज्ञान लें और जांच एजेंसियों को सूचित करें. कोर्ट ने आदेश में कहा था कि किसी भी प्रकार के प्रावधान के बावजूद सीबीआई को संभावित नेक्सस, मिलीभगत और साजिश की जांच की जरूरत है.
बता दें कि इयकों लेकर कोर्ट ने कहा था कि दोनों एजेंसियों ने अब तक कार्रवाई में समय लिया है. सीजेआई ने कहा था कि ईडी की ओर से कार्रवाई में अस्पष्ट देरी हुई है. CBI ने सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल की है. ऐसा प्रतीत होता है कि एसबीआई की शिकायत पर औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई है और अन्य बैंकों की शिकायतों की जांच की जा रही है.
ED ने अब तक 12012 करोड़ की संपत्ति जब्त की
ED ने दायर हलफनामे में बताया कि रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस, रिलायंस होम फाइनेंस, रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस पावर से संबंधित PMLA के तहत तीन ECIR दर्ज किए हैं. इसके अलावा रिलायंस अनिल अंबानी समूह की संस्थाओं के खिलाफ तीन अलग-अलग फेमा जांच भी चल रही हैं. ईडी ने अब तक 46 परिसरों की तलाशी ली है. 300 से अधिक समन जारी किए गए हैं, 200 से अधिक बयान दर्ज किए हैं. 13 अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए हैं. PMLA के तहत जब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 12012 करोड़ रुपये बताया गया है. फेमा कार्यवाही के तहत 77.86 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है. यह याचिका पूर्व केंद्रीय सचिव ईएएस सरमा ने दायर की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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