आसिया अंद्राबी की सजा पर 2 फरवरी को कोर्ट में बहस
UAPA Charges on Asiya Andrabi: पटियाला हाउस कोर्ट में कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी और उनके साथियों की सजा पर 2 फरवरी को बहस होगी. यह मामला पाकिस्तान के समर्थन से भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने से जुड़ा है. अदालत ने आसिया को दोषी ठहराया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदरजीत सिंह ने उन्हें गंभीर धाराओं में दोषी करार दिया.
दोषी ठहराने की वजहें
अदालत ने आसिया को यूएपीए की धारा 18 और धारा 38 के तहत दोषी पाया. धारा 18 साजिश से जुड़े अपराध से संबंधित है. धारा 38 आतंकवादी संगठन की सदस्यता से जुड़ी है. एनआईए का कहना है कि आसिया ने दो सहयोगियों के साथ मिलकर नफरत भरे भाषण दिए. इनसे भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कोशिश की गई. साथ ही आपराधिक साजिश रची गई और यूएपीए कानून का उल्लंघन किया गया.
आसिया की पृष्ठभूमि
आसिया अंद्राबी ने 1987 में सर्व-महिला अलगाववादी समूह दुख्तरान-ए-मिल्लत की स्थापना की थी. अप्रैल 2018 में उन्हें गिरफ्तार किया गया. बाद में इस समूह को प्रतिबंधित कर दिया गया. सुनवाई के दौरान अदालत ने एनआईए को चार्जशीट की कॉपी और दस्तावेज देने का आदेश दिया. इनमें उनके भाषण, वीडियो और सोशल मीडिया लिंक शामिल थे.
सबूत और वीडियो
कई वीडियो में आसिया को भारत विरोधी नारे लगाते और पाकिस्तान के समर्थन में बोलते देखा गया. एनआईए की चार्जशीट में दावा किया गया कि आरोपी पड़ोसी देश से सहयोग लेने के लिए अभियान चला रही थीं. उन पर देश की संप्रभुता और एकता को अस्थिर करने का आरोप है. चार्जशीट में आसिया, सिफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को आरोपी बनाया गया. एनआईए का यह भी कहना है कि आसिया ने आतंकवादियों को मदद पहुंचाई.
मामले की गंभीरता
यह मामला भारत की सुरक्षा से जुड़ा है. आसिया पर पाकिस्तान की मदद से भारत विरोधी गतिविधियां चलाने का आरोप है. अदालत में अब सजा की मात्रा पर बहस होगी. एनआईए ने मजबूत सबूत पेश किए हैं. यह केस कश्मीर में अलगाववाद की समस्या को दिखाता है. सरकार ने ऐसे समूहों पर सख्ती बरती है. आने वाली सुनवाई में सजा तय होगी, जो अन्य मामलों के लिए उदाहरण बनेगी.
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