Emblems Act on Unauthorized Trust: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी वकील जासिम मोहम्मद के खिलाफ मामला दर्ज किया है. उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नाम का दुरुपयोग करते हुए ‘सेंटर फॉर नरेंद्र मोदी स्टडीज’ नामक ट्रस्ट बिना अनुमति के स्थापित और संचालित करने का आरोप है. यह कार्रवाई प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की शिकायत पर आधारित है, जो नामों और प्रतीकों के अनुचित उपयोग निवारण अधिनियम का उल्लंघन मानती है.
PMO की शिकायत और जांच
अप्रैल 2025 में पीएमओ ने CBI को शिकायत भेजी, जिसमें बताया गया कि जासिम ने 25 जनवरी 2021 को इंडियन ट्रस्ट एक्ट, 1860 के तहत यह ट्रस्ट रजिस्टर किया, बिना केंद्र सरकार या पीएमओ से अनुमति लिए. प्रारंभिक जांच (पीई) में यह पुष्टि हुई कि ट्रस्ट का नाम प्रधानमंत्री के नाम का व्यावसायिक दुरुपयोग है. CBI ने 14 अक्टूबर 2025 को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट से मजिस्ट्रेट की अनुमति ली और 24 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की.
कानूनी आधार और आरोप
एफआईआर इम्ब्लेम्स एंड नेम्स (प्रिवेंशन ऑफ इम्प्रॉपर यूज) एक्ट के तहत दर्ज की गई है, जो प्रधानमंत्री जैसे पदों के नामों के अनधिकृत उपयोग को प्रतिबंधित करता है. जासिम, जो अलीगढ़ के डोढपुर के निवासी हैं, पर आरोप है कि उन्होंने ट्रस्ट के माध्यम से मोदी के नाम का लाभ उठाने की कोशिश की. जांच में अभी गिरफ्तारी या आगे की कार्रवाई का जिक्र नहीं है, लेकिन CBI दिल्ली में मामले की गहन जांच कर रही है.
यह मामला सरकारी नामों के संरक्षण पर जोर देता है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में दुरुपयोग रोकेंगी. जासिम की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रस्ट शिक्षा या शोध का नाम लेकर राजनीतिक लाभ के लिए हो सकता है. CBI की यह कार्रवाई विपक्षी दलों के बीच चर्चा का विषय बन गई है.
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