राजधानी दिल्ली स्थित राऊज एवेन्यू कोर्ट
मकोका मामले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बालियान की ओर से दायर जमानत याचिका पर राऊज एवेन्यु कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. राऊज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने कहा कि वह इस मुद्दे पर 27 मई को अपना फैसला सुनाऐंगे.
वहीं, दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने बालियान की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के सिंडिकेट से जुड़े होने एवं गिरोह के सदस्यों को वित्तीय सहायता देने के पुख्ता सबूत हैं. उसने यह भी कहा कि पहली जमानत याचिका खारिज होने के बाद कोई नया बदलाव नहीं आया है जिसके आधार पर उसकी जमानत याचिका पर विचार किया जा सके. इस लिए उसकी जमानत याचिका को निरस्त कर दिया जाए.
इस मामले में बालियान को 4 दिसंबर, 2024 को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने इस मामले में पहला आरोप पत्र 4 जनवरी को दाखिल किया था. इस मामले में ज्योति, कपिल सांगवान, नरेश बालियान सहित अन्य पर मकोका लगाया गया है. नजफगढ़ के रहने वाला ज्योति की योजना अपने विरोधी गुट के गैंगेस्टर मंजीत उर्फ महल को मारने की थी. पुलिस ने रितिक पीटर के खिलाफ मकोका की धारा 3 के तहत लगभग तीन सौ पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया है. मकोका के मामले में नरेश बालियान के अलावा जिन आरोपियों के खिलाफ मामला चल रहा है वे रितिक उर्फ पीटर, रोहित उर्फ अन्ना और सचिन चिकारा है.
पुलिस के अनुसार नरेश बालियान और गैंगेस्टर कपिल सांगवान के बीच बातचीत का ये मामला 2023 का है. इसे लेकर वर्ष 2023 में प्राथमिकी दर्ज किया गया था. कपिल सांगवान एक कुख्यात गैंगस्टर है, जो फिलहाल पांच सालों से ब्रिटेन में रह रहा है. कपिल सांगवान और नरेश बालियान दोनों दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले हैं. कपिल सांगवान हरियाणा के नफे सिंह हत्याकांड का भी मास्टरमाइंड है. कपिल सांगवान पर बल्लू पहलवान और बीजेपी नेता सुरेंद्र मटियाला की हत्या का भी मास्टरमाइंड माना जाता है.
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