दिल्ली शराब नीति मामले में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर सीबीआई की अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया है. कोर्ट सीबीआई की अपील पर 5 और 6 अक्टूबर को सुनवाई करेगा.
वही केजरीवाल और सिसोदिया ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई द्वारा दायर अपील को खारिज करने की मांग की है. सीबीआई ने निचली अदालत द्वारा केजरीवाल सहित 23 लोगों को आरोपमुक्त किए जाने के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है. कोर्ट ने कहा था कि चूंकि मामला ट्रांसफर होकर उनके पास आया है, और अभी संबंधित पक्ष अदालत में पेश नही हुआ है.
मामले की सुनवाई के दौरान एजेंसी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को जानकारी दे दिया जाए, ताकि यदि वे अदालत में पेश होना चाहें तो उपस्थित हो सके. कोर्ट ने कहा था कि आदर्श स्थिति यही होगी कि सभी पक्ष अदालत में मौजूद हों और सबकी बात सुनी जाए. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि मामला पहले ही अखबारों में आ चुका है, इसलिए माना जा सकता है कि संबंधित पक्षों को ट्रांसफर की जानकारी है, लेकिन फिर भी उन्हें नया नोटिस जारी गया.
बता दें कि निचली अदालत ने केजरीवाल सहित 23 लोगों को आरोप मुक्त कर दिया था. जिसके खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि रिकॉर्ड न मिलने के कारण अदालत ने सुनवाई को टाल दिया है.बता दें कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिख कर सुनवाई में पेश नही होने की बात कही है.
पिछले दिनों हाई कोर्ट ने केजरीवाल सहित अन्य की ओर से दायर उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से खुद को अलग होने की मांग की गई थी. हालांकि केजरीवाल और सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि सुनवाई के दौरान उनके तरफ से कोई वकील पेश नही होगा. क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि उनको इस कोर्ट ने इंसाफ नही मिलेगा. यह मामला दिल्ली शराब नीति से जुड़ा है. जिस मामले में सीबीआई और ईडी दोनों ने हाई कोर्ट का रुख किया है. जिसपर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा सुनवाई कर रही है.
पिछले दिनों कोर्ट ने केजरीवाल के उस अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसमें याचिका में कहा गया था कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से खुद को अलग होने की मांग की गई थी. सिसोदिया ने अपने पत्र में कहा कि मेरी तरफ से भी कोई वकील पेश नही होगा.
-भारत एक्सप्रेस
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