दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित फैज ए-इलाही मस्जिद मामले में गिरफ्तार सभी पांचों आरोपियों की ओर से दायर जमानत याचिका पर तीस हजारी कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने जमानत याचिकाओं का विरोध किया है.
दिल्ली पुलिस ने कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ था, हत्या को कोशिश का आरोप जोड़ा गया है, जिसकी सजा उम्रकैद तक हो सकती है. जांच अभी शुरुआती स्टेज पर हैं. इससे पहले कोर्ट ने तिहाड़ जेल सुपरिटेंडेंट से सभी पांचों आरोपियों के मेडिकल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज कोर्ट के सामने पेश करने का निर्देश दिया था.
मामले में सख्त कार्रवाई का संकेत
मामले की सुनवाई के दौरान याचिककर्ताओ की ओर से पेश वकील ने आरोप लगाया था कि सभी पांचों आरोपियों को जेल के अंदर पीटा गया है. एक पहले ही कोर्ट ने सभी पांचों आरोपियों को 13 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. इस मामले में अब तक 13 लोगों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है. अतुल श्रीवास्तव को इस मामले में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया है. जिन आरोपियों ने जमानत याचिका दायर की है, उसमें काशिफ, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद आरिब, समीर और अदनान शामिल हैं. एक कांस्टेबल के बयान के बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 121, 123 और 221 के अलावा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम की धारा 3 और दंगा करने से जुड़ी धारा 191 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस के मुताबिक ये धाराएं हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और कानून व्यवस्था बिगाड़ने से जुड़े अपराधों को ध्यान में रखकर लगाई गई हैं. अब तक की जांच में पता चला है कि इस हिंसा में स्थानीय लोगों के साथ-साथ कुछ बाहरी लोग भी शामिल थे. पुलिस को इस मामले में एक दो राजनीतिक लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है. पुलिस ने दो से तीन लोगों की पहचान भी कर ली है, जिन पर हिंसा भड़काने का आरोप है.
हालांकि पुलिस ने फिलहाल इनके नाम बताने से इनकार कर दिया है. बताया जा रहा है कि पुलिस के पास ऐसे 400 से ज्यादा वीडियो हैं, जिनकी जांच की जा रही हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
भारत एक्सप्रेस
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