दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप मामले में पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर के भाई जयदीप सेंगर को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि इसको लेकर पहले एम्स का मेडिकल बोर्ड का गठन करेगा और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को देखने के बाद ही तय करेगा कि इस मामले में स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत दी जा सकती है या नही.
इससे पहले कोर्ट ने अंतरिम जमानत की अवधि को खारिज करते हुए सरेंडर करने का आदेश दिया था.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जयदीप सेंगर की अंतरिम जमानत की अवधि 20 फरवरी से आगे नही बढ़ सकती है. कोर्ट ने 9 फरवरी को जयदीप सेंगर की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया था. जयदीप सेंगर ने याचिका दायर कर कहा है कि उसके मुंह में एडवांस स्टेज के कैंसर से पीड़ित है. उनमें कैंसर के दोबारा होने के लक्षण दिख रहे हैं. इसके ईलाज के लिए उन्हें चिकित्सकीय सहायता की जरूरत है.
जयदीप सेंगर की अंतरिम जमानत दिल्ली हाई कोर्ट ने ठुकराई
कोर्ट ने जयदीप सेंगर को 3 जुलाई 2024 को अंतरिम जमानत दिया था. हालही में सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि दिल्ली हाई कोर्ट सेंगर की अपील और विक्टिम द्वारा सजा बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर योग्यता के आधार पर तीन महीने में निपटारा करें. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि हम कोई भी ओपिनियन नहीं दे रहे है. चूंकि सजा की अवधि आरोपी जेल में काट चुका है इसलिए जमानत की मांग पर हाई कोर्ट तीन महीने में फैसला करें.
18 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था. सेंगर ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. हिरासत में मौत मामले में ट्रायल कोर्ट ने सेंगर को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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