दिल्ली के स्कूलों में बम की धमकियों से निपटने के लिए दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशक की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को लागू कर देने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने उससे संबंधित अवमानना याचिका पर सुनवाई बंद कर दिया है.
न्यायमूर्ति अनीश दयाल ने कहा कि एसओपी को अधिसूचित कर दिया गया है. साथ ही इसके तहत दिल्ली पुलिस की भूमिका भी निर्धारित कर दी गई है. अदालत ने इसके साथ ही अधिवक्ता अर्पित भार्गव की अवमानना याचिका का निपटारा कर दिया और बच्चों, शिक्षकों, कर्मचारियों और हितधारकों और शैक्षणिक संस्थानों के जीवन व सुरक्षा को खतरे में न डालने के लिए जनिहत में याचिका दाखिल करने के लिए उनकी सराहना की.
उन्होंने कहा कि एसओपी एक व्यापक चेकलिस्ट के साथ बनाई गई है. यह संबंधित हितधारकों को यह सुनिश्चित करने में सक्षम बनाएगी कि इन प्रक्रियाओं का अनुपालन किया जाए. अधिसूचना में कहा गया है कि एसओपी में स्कूलों में बम की धमकियों की स्थिति में सभी हितधारकों द्वारा अपनाए जाने वाले निवारक, प्रारंभिक, उत्तरदायी एवं उचित कदमों की रूपरेखा है.
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि सभी स्कूलों के प्रमुखों को तत्काल प्रभाव से अपने संबंधित स्कूलों में एसओपी का सख्त अनुपालन और कार्यान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए. स्कूल प्रमुख चेकलिस्ट को विधिवत रूप से भरे और समीक्षा के अलावा आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित जिला प्राधिकरण को मासिक रूप से उसे पेश करें.
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