दिल्ली हाईकोर्ट
Legal News: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस तथा अन्य प्राधिकारियों से कहा कि वे यौन अपराधों के कई मामले दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ताओं का डेटाबेस बनाए रखने की मांग करने वाली याचिका पर जल्द फैसला लें. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने यह कहते हुए डेटा बेस बनाने की मांग वाली याचिका का निपटारा कर दिया.
यह जनहित याचिका शोनी कपूर ने दायर की थी. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील शशि रंजन कुमार सिंह ने कोर्ट से यह भी कहा था कि डेटाबेस बनाए रखने के अलावा यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि पुलिस शिकायतकर्ताओं के पहचान पत्र भी अपने पास रखे.
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भी इसी तरह का एक आदेश पारित किया है. इसपर अदालत ने कहा कि यह उनकी कार्यप्रणाली है और वे बेहतर जानते हैं कि पुलिसिंग कैसे की जानी चाहिए. वकील ने हालिया रिपोर्ट का हवाला दिया था, जिसमें बताया गया था कि राजधानी में बलात्कार के मामलों में दोषसिद्धि डर केवल 4.3 फीसदी है.
दायर याचिका में सरकार और दिल्ली पुलिस को प्रत्येक पुलिस जिला मुख्यालय में बलात्कार या यौन उत्पीड़न के आरोप की एक से अधिक शिकायतें दर्ज कराने वाली शिकायतकर्ताओं के संबंध में एक डेटाबेस बनाए, तथा शिकायतकर्ताओं से पहचान पत्र लेना अनिवार्य करने की मांग की गई थी.
ये भी पढ़ें: NOTA को लेकर दायर हलफनामे की कॉपी याचिकाकर्ता को देने का सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



