दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगोलपुरी जामा मस्जिद विध्वंस संबंधी नोटिस से जुड़ी अवमानना याचिका पर दिल्ली नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने यह नोटिस जारी किया है. हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान एमसीडी ने कोर्ट को आश्वाशन दिया है कि अगली सुनवाई होने तक मस्जिद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगा.
कोर्ट 9 जुलाई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. बता दें कि 22 जून को मंगोलपुरी जामा मस्जिद के वजुखाने को ध्वस्त कर दिया गया था. अतिक्रमण पर कार्रवाई खुद मस्जिद कमेटी की ओर से की गई. सात घंटे तक पांच बुलडोजर के जरिए ध्वस्तीकरण का अंजाम दिया गया. इसी दौरान नगर निगम ने मलवा हटाने का काम भी शुरू कर दिया था. निगम का कहना था कि नगर निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं कि गई है, नियमित रूप से मलबा हटाने का काम किया गया है.
अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि जिस हिस्से को गिराना था, उसका न तो सीमांकन किया गया और न ही उसकी कोई रिपोर्ट दी गई. तब दिल्ली नगर निगम ने कहा कि सीमांकन की कार्रवाई 19 जून को किया गया था और इस कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी की गई थी. अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थल में हुए केवल अवैध निर्माण को ही गिराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी सुरक्षा बल को तैनात किया गया है.
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