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दिल्ली हाईकोर्ट ने ओपी चौटाला के वारिसों की याचिका पर CBI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने ओमप्रकाश चौटाला के कानूनी वारिसों की याचिका पर CBI को नोटिस जारी किया हैं. याचिका में कहा गया कि चौटाला ने जीवित रहते अपनी सजा के खिलाफ अपील दायर की थी, इसलिए अब उनके वारिस इसे आगे बढ़ा सकते हैं.

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिवंगत हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला के कानूनी उत्तराधिकारियों द्वारा दायर याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस रविंदर डुडेजा ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट 15 सितंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. दायर याचिका में आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी करार दिए जाने के खिलाफ दायर अपील में पक्षकार बनाने की मांग की गई है. चौटाला के परिवार ने यह अर्जी ओमप्रकाश चौटाला की 20 दिसंबर 2024 को हुई मौत के बाद दायर की है.

चार साल की सजा और जुर्माना

दायर अर्जी में कहा गया है कि चौटाला ने जिंदा रहते हुए ही अपनी सजा और दोषसिद्धि के खिलाफ अपील दायर की थी, इसलिए उन्हें कानूनी वारिसों को इसे आगे बढ़ाने की अनुमति मिलनी चाहिए. दरअसल राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 27 मई को ओम प्रकाश चौटाला को चार साल की सजा सुनाते हुए, उनपर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. चौटाला पर साल 1993 से 2006 के बीच आय से अधिक संपत्ति जुटाने का दोषसिद्धि करार दिया गया था.

सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा था कि सभी साक्ष्यों व दस्तावेज से स्पष्ट है कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने अपनी पावर का इस्तेमाल कर 2,81,18,451 रुपये की संपत्ति आय से अधिक अर्जित की. कोर्ट ने यह भी कहा था कि आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी इसका साक्ष्य नही दे पाया और गवाहों व दस्तावेज से सीबीआई साबित करने में सफल रही है कि उन्होंने गलत तरीके से संपत्ति अर्जित की है.

बता दें कि ओमप्रकाश चौटाला को जनवरी 2013 में जेबीटी घोटाले का दोषी पाया गया था. 2008 में ओमप्रकाश चौटाला और 53 अन्य पर 1999 से 2000 तक हरियाणा में 3206 जूनियर बेसिक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति के संबंध में आरोप लगाए गए थे. इसके बाद जनवरी 2013 में अदालत ने ओम प्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय सिंह चौटाला को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 10 साल के कारावास की सजा सुनाई थी.


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भारत एक्सप्रेस



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