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दिल्ली दंगा मामला: ताहिर हुसैन की याचिका पर हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब

दिल्ली हाई कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने 2020 दिल्ली दंगा मामले के आरोपी और पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है. कड़कड़डुमा कोर्ट द्वारा नियमित जमानत खारिज होने के बाद ताहिर ने हाई कोर्ट का रुख किया है.

delhi high court

दिल्ली हाई कोर्ट ने वर्ष 2020 दिल्ली दंगा मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट 14 जुलाई को मामले में अगली सुनवाई करेगा. वहीं कोर्ट ने ताहिर हुसैन की उस मांग पर भी दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है, जिसमें अपील दायर करने में 67 दिन की देरी हुई है. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा और जस्टिस मधु जैन की अवकाशकालीन पीठ ने यह नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

जस्टिस अमित शर्मा ने सुनवाई से खुद को किया था अलग

पिछली सुनवाई में जस्टिस अमित शर्मा ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया था. जिसके बाद यह मामला जस्टिस सौरभ बनर्जी की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष आया था. ताहिर हुसैन की कड़कड़डुमा कोर्ट द्वारा 29 जनवरी 2026 को दूसरी नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया था, जिसके खिलाफ उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. ताहिर हुसैन 2020 के दिल्ली दंगों के पीछे बड़ी साज़िश के मामले में आरोपी हैं. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने ताहिर हुसैन को जमानत देने से इनकार कर दिया था. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने ताहिर हुसैन की ओर से दायर पांचवीं जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया था.

वकील ने दी जमानत की दलील

पूर्व पार्षद के वकील तारा नरूला के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया था कि वह पांच साल से अधिक का समय जेल में बिता चुके हैं. मुकदमे में तेजी लाने के लिए निचली अदालत के अथक प्रयासों के बावजूद सुनवाई पूरी होने में समय लग सकता है. निचली अदालत ने 12 मार्च को बिना आधार के उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जबकि इस घटना में उनके संलिप्त होने का कोई सबूत नहीं है. इस मामले में उनके खिलाफ उकसाने का आरोप है. इस मामले के गवाहों में से तीन ने उनके बारे में घटनास्थल पर मौजूद होने की बात नहीं कही है, जबकि दो ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया है. इस तरह से कहा जा सकता है कि गवाहों के बयानों में विरोधाभास है. इन बयानों को विश्वसनीय नहीं माना जा सकता है, इसलिए आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया जाए.

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आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़ा है मामला

पुलिस के अनुसार, 26 फरवरी 2020 को शिकायतकर्ता रविंदर कुमार ने दयालपुर थाने के अधिकारियों को सूचित किया कि उनका बेटा अंकित शर्मा 25 फरवरी 2020 से लापता है. बाद में कुछ लोगों से पता चला कि एक व्यक्ति की हत्या करने के बाद उसे चांद बाग पुलिया स्थित मस्जिद से खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया था. पुलिस ने कहा कि शर्मा का शव खजूरी खास नाले से बरामद किया गया था और उनके शरीर पर 51 चोटों के निशान थे. ताहिर हुसैन इस मामले में आरोपियों में से एक हैं.



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