दिल्ली हाईकोर्ट ने JEE Mains 2025 परीक्षा में कथित तकनीकी खामियों और स्कोर कार्ड में गड़बड़ी के आरोपों की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने यह आदेश दो अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिन्होंने आरोप लगाया है कि उनके जेईई (मुख्य) के स्कोर कार्ड में हेरफेर किया गया है.
न्यायमूर्ति विकास महाजन ने राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला (NCFL) के निदेशक से 14 मई के आदेश के अनुरूप तथ्यों का पता लगाने और जांच में तेजी लाकर रिपोर्ट 29 मई तक सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष पेश करने को कहा है. यह निर्देश इसलिए भी अहम है क्योंकि जेईई (एडवांस्ड) 2025 का परिणाम 2 जून को घोषित किया जाना है.
दरअसल, शुरुआत में जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) को सौंपी गई थी, लेकिन कोर्ट को बताया गया कि CFSL के पास इस जांच के लिए जरूरी संसाधन मौजूद नहीं हैं. इसके बाद कोर्ट ने यह जिम्मेदारी NCFL को सौंपी. सुनवाई के दौरान कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT) के वकील ने भी बताया कि उनकी संस्था के पास नेटवर्क फोरेंसिक और सर्वर इमेजिंग जैसी क्षमताएं नहीं हैं.
कोर्ट ने NCFL निदेशक को यह भी स्वतंत्रता दी है कि यदि आवश्यक हो तो वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से अतिरिक्त जानकारी मांग सकते हैं या परीक्षा से संबंधित किसी भी रिकॉर्ड की जांच कर सकते हैं.
गौरतलब है कि याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि उनके स्कोर कार्ड में जानबूझकर बदलाव किया गया है, जिससे उनकी रैंकिंग और आगे की परीक्षा में प्रवेश प्रभावित हो सकता है. कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 मई को करेगा, जब जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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