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दिल्ली हाई कोर्ट ने Nitish Kumar को राहत दी, JDU सांगठनिक चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

दिल्ली हाई कोर्ट ने जेडीयू के सांगठनिक चुनाव को चुनौती देने वाली गोविंद यादव की याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग को न्यायिक प्राधिकरण नहीं दिया गया है.

JDU organizational elections
Prashant Rai Edited by Prashant Rai

दिल्ली हाई कोर्ट से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मिली राहत को डिवीजन बेंच ने बरकरार रखा है. कोर्ट ने जनता दल युनाइटेड के सांगठनिक चुनाव को चुनौती देने वाली जेडीयू के पूर्व नेता गोविंद यादव की याचिका को खारिज कर दिया है.

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अपीलकर्ता की दलील से वे सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि विधायिका द्वारा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29ए (9) के तहत चुनाव आयोग को कोई न्यायिक प्राधिकरण प्रदान करने का इरादा नहीं है.

खारिज हुई याचिका

सिंगल बेंच ने याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि ऐसी कोई वजह नहीं है कि जेडीयू के सांगठनिक चुनाव में हस्तक्षेप किया जाए. कोर्ट ने कहा था कि याचिका संविधान के अनुच्छेद 226 के क्षेत्राधिकार में नहीं आती है. अनुच्छेद 226 हाई कोर्ट को यह अधिकार देता है कि अगर किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकार का उल्लंघन हो रहा हो तो वह आदेश जारी कर सकती है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा था कि जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 29A के तहत चुनाव आयोग का काम केवल राजनीतिक दल के आवेदन पर विचार करना और अगर कोई तथ्यात्मक बदलाव होता है तो उसकी सूचना रखना सुनिश्चित करना है. जैसे ही किसी राजनीतिक दल का रजिस्ट्रेशन हो जाता है, निर्वाचन आयोग की परिवीक्षण की भूमिका खत्म हो जाती है.

क्या है मामला?

बता दें कि जेडीयू के पूर्व नेता गोविंद यादव ने याचिका दायर कर कहा था कि जेडीयू का 2016, 2019 और 2022 में जो सांगठनिक चुनाव हुआ था, वह पार्टी के संविधान का उल्लंघन कर हुआ था.

याचिका में यह भी कहा गया था कि पार्टी के पदाधिकारियों में बदलाव के बारे में चुनाव आयोग को पार्टी की अधिसूचनाएं जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29A(9) का अनुपालन नहीं करती हैं.

याचिकाकर्ता गोविंद यादव ने जनता दल और उसके उत्तराधिकारियों जेडीयू के भीतर एक विशिष्ट इतिहास का दावा किया था, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय महासचिव और राज्य अध्यक्ष सहित कई प्रमुख पदों पर कार्य किया है. उनकी शिकायत 10 अप्रैल 2016 को जेडीयू के अध्यक्ष के रूप में नीतीश कुमार के चुनाव से उपजी है.


ये भी पढ़ें- दिल्ली हाई कोर्ट CLAT 2025 के परिणामों को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं पर 7 अप्रैल को करेगा सुनवाई


-भारत एक्सप्रेस



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