Delhi High Court News: दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल से जुड़े मामले में सीबीआई के छह अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया है. अदालत ने माना कि मामले में अधिकारियों की ओर से अदालत के सामने दिए गए बयानों को लेकर प्रथम दृष्टया गंभीर सवाल उठते हैं. कोर्ट के मुताबिक, इन बयानों के आधार पर झूठे साक्ष्य और अदालत में गलत दावा करने से जुड़े अपराधों का मामला बनता है.
इन अधिकारियों पर होगी कार्यवाही
जस्टिस मधु जैन ने अशोक कुमार अग्रवाल की याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित स्पेशल जज को सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया है. अदालत ने कहा है कि शिकायत को चार सप्ताह के भीतर संबंधित मजिस्ट्रेट के पास भेजा जाए. जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, उनमें सुशील दीवान, विनीत विनायक, अमित कुमार, रमन त्यागी, प्रेम कुमार गौतम और मोहम्मद आजाद शामिल हैं.
अदालत ने अपने आदेश में आईपीसी की धारा 91, 193 और 209 का भी उल्लेख किया. कोर्ट के अनुसार, इन अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों में आगे की कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार प्रथम दृष्टया मौजूद है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला अशोक कुमार अग्रवाल के खिलाफ सीबीआई की उस जांच से जुड़ा है, जिसमें उन पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाया गया था. जनवरी 2016 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ अभियोजन की मंजूरी को अमान्य करार दिया था. इसके बाद उन्हें इस मामले में डिस्चार्ज कर दिया गया था.
मामले में आगे उस समय नया मोड़ आया, जब अशोक अग्रवाल ने जब्त किए गए दस्तावेज वापस लेने के लिए अदालत का रुख किया. सीबीआई ने 2 अगस्त 2016 को अपने जवाब में कहा था कि कानून एवं न्याय मंत्रालय और प्रशासनिक मंत्रालय के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर बातचीत चल रही है.
कानून मंत्रालय ने क्या कहा था?
हालांकि, अशोक अग्रवाल का कहना था कि कानून मंत्रालय 8 जून 2016 को ही अपनी राय दे चुका था कि सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का कोई ठोस आधार नहीं है. ऐसे में किसी तरह की बातचीत लंबित नहीं थी, बल्कि केवल आंतरिक विचार-विमर्श चल रहा था.
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इसी आधार पर उन्होंने सीआरपीसी की धारा 340 के तहत सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ गलत हलफनामा और झूठा बयान देने के आरोप में कार्रवाई की मांग की थी. निचली अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अब हाईकोर्ट ने मामले में सीबीआई के छह अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया है.
-भारत एक्सप्रेस
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