दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को चार्जशीट दाखिल करने के लिए 45 दिन का अतिरिक्त समय दे दिया है. विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने यह आदेश दिया है. एनआईए ने जांच पूरी करने के लिए कोर्ट से 45 दिन की अतिरिक्त मोहलत की मांग थी. मामले की सुनवाई के दौरान एनआईए ने अदालत को बताया कि इस मामले में गहरी साजिश के संकेत मिले हैं, कई तकनीकी पहलुओं पर जांच करनी है, जिनके देशभर और अंतरराष्ट्रीय संबंध हो सकते है, जिन्हें स्थापित करना अभी बाकी है.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के अरबी विशेषज्ञ से ली गई सहायता
एनआईए ने यह भी कहा कि आरोपियों से बरामद अरबी भाषा के कट्टरपंथी दस्तावेजों को समझने के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया से एक अरबी विशेषज्ञ से मदद ली गई है. एनआईए के अनुसार बरामद सामग्री उग्रवादी प्रकृति की है और उसमें ऐसे तरीके बताए गए हैं, जिनसे घरेलू सामान का इस्तेमाल करके बम बनाया जा सकता है. एनआईए जांच में यह पता लगा रही है कि किस तरह से विस्फ़ोट की योजना बनाई गई, सहयोगी कौन थे और हथियार एवं विस्फोटक सामग्री कैसे जुटाई गई. एजेंसी का मानना है कि यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से लिंक है. अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें डॉक्टर मुजम्मिल शकील गनी, डॉक्टर शाहीन सईद, मुफ़्ती इरफान सहित अन्य शामिल है. डॉक्टर शाहीन सईद के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्विद्यालय के फ्लैट से 18.50 लाख कैश, सोने की बिस्किट और गहने मिले है.
इसके अलावे अरब देशों की करेंसी भी बरामद किया गया है. गृह मंत्रालय द्वारा दिल्ली कार धमाके की जांच एनआईए को सौप दी गई थी. इसके बाद से जांच एजेंसी विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इस मॉड्यूल से जुड़े हर सदस्य का पता लगाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. बिलाल वानी पर लाल किला में हुए कार ब्लास्ट की साजिश रचने का आरोप है.
कई सहयोगियों की भूमिका सामने आई
एनआईए के मुताबिक दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट तैयार करने की कोशिश की. एनआईए के मुताबिक दानिश उसने उमर उन नबी के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई थी. एनआईए जांच में खुलासा हुआ है कि शोएब ने आतंकी उमर नबी को विस्फोट से ठीक पहले पनाह दी थी और उसे लॉजिस्टिक सहायता भी मुहैया कराई थी. शोएब ने ही नूंह में उमर को अपनी साली अफसाना के घर में कमरा किराए पर दिलाया था और पूरी गारंटी ली थी. 10 नवंबर को दिल्ली में धमाके से पहले 10 दिन उमर नूंह के इसी घर में रहा था.
लाल किला के पास हुए भीषण धमाके में 15 लोगों की मौत हो चुकी है. हमले में 32 लोग घायल हो गए थे. एनआईए जांच में पता चला कि आमिर ने हमलावर डॉक्टर उमर नबी के साथ मिलकर लाल किला में हुए धमाके की साजिश रची थी. जांच में यह भी पता चला है कि आमिर राशिद i20 कार की खरीद में मदद करने के लिए दिल्ली आया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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