साकेत कोर्ट ने दुष्यंत चौटाला की ओर से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवार के खिलाफ दायर मानहानि याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट 20 मई को अंतरिम आदेश पारित करेगा. दायर याचिका में सोशल मीडिया से कथित मानहानिकारक सामग्री हटाने और आगे प्रकाशन पर रोक की मांग की है. दायर याचिका में कहा गया है कि डिजिटल प्रसार से प्रतिष्ठा को लगातार और अपूरणीय नुकसान हुआ है.
मामले की सुनवाई के दौरान दुष्यंत चौटाला की ओर से पेश वकील प्रतीक सोम ने कोर्ट को बताया कि बिना किसी सबूत के उन पर किसानों की मौत और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. जिससे उनकी डिजिटल छवि को नुकसान हुआ है. वहीं बचाव पक्ष ने इन टिप्पणियों के बचाव करते हुए इन्हें राजनीतिक भाषण का हिस्सा बताया है और कहा कि पूरे संदर्भ में देखने पर कोई मानहानि नही बनता है.
दुष्यंत चौटाला ने निष्पक्ष जांच की मांग की
हिसार जिले के नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के जुलाई रैली में कहा कि दुष्यंत अब खुद को चौधरी छोटूराम और ताऊ देवीलाल से बड़ा नेता समझने लगे हैं. उन्होंने कहा कि विडंबना है कि दुष्यंत उकलाना और नारनौंद की कांग्रेस टिकटों पर सवाल खड़े कर रहे हैं, जबकि राजनीतिक धरातल पर सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है. इससे पहले दुष्यंत चौटाला ने काफिले को रोक कर हथियार दिखाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपो को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की है.
दायर याचिका में हरियाणा पुलिस के अलावे किसी अन्य एजेंसी से जांच कराने की मांग की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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