Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

हरियाणा से जुड़े 590 करोड़ रुपये के IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड के आरोपी रिमांड पर, अब तक हुईं 12 गिरफ्तारी

हरियाणा में 590 करोड़ रुपये के IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

हरियाणा से जुड़े 590 करोड़ रुपये के IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड के मामले में राज्य सर्तकता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रणधीर सिंह और राजेश सांगवान के रूप में हुई है. रणधीर सिंह हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद में कंट्रोलर फाइनेंस एंड अकाउंट्स के पद पर कार्यरत हैं, जबकि राजेश सांगवान हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड में कंट्रोलर फाइनेंस एंड अकाउंटस हैं.

इन दोनों आरोपियों की मुख्य आरोपियों के साथ धोखाधड़ी को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका सामने आई हैं. इस मामले में अभी तक राज्य सर्तकता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जांच एजेंसियों के मुताबिक यह घोटाला सरकारी विभागों के पैसे को फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में रखने के बजाए फर्जी कंपनियों और खातों के जरिए निजी लाभ के लिए ट्रांसफर कर दिया गया. इससे पहले एजेंसी ने राजन कटोदिया को शनिवार को गिरफ्तार किया था. इसके बाद रविवार को राजन कटोदिया समेत चार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया.

अदालत ने इनमें से तीन आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. ताकि उनसे गहन पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा किया जा सकें. वहीं इस मामले में गिरफ्तार आरोपी अंकुर शर्मा को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. जांच एजेंसी के मुताबिक अभी तक इस मामले में जांच जारी है.

 90 से अधिक बैंक खाते फ्रीज

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने 13 मार्च को बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 ठिकानों पर छापेमारी की थी. ईडी ने चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला, गुरुग्राम और बेंगलुरु में 19 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया. ईडी ने फ्रॉड से जुड़े 90 से अधिक बैंक खाते फ्रिज कर दिए हैं. तलाशी अभियानों में बैंक के पूर्व कर्मचारियों रिभव ऋषि और अभय कुमार, उनके परिवार के अन्य सदस्यों से जुड़े परिसर शामिल हैं.

इन कंपनियों में स्वस्तिक देश प्रोजेक्ट्स, कैपको फिनटेक सर्विसेज, मां वैभव लक्ष्मी इंटीरियर्स और एसआरआर प्लानिंग गुरूस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं. सावन ज्वेलर्स जैसे ज्वैलर्स और रियल एस्टेट डेवलपर विक्रम वधवा और उनकी व्यावसायिक संस्थाओं के परिसरों में भी ईडी ने तलाशी ली थी. ईडी जांच कर पता लगा रही है कि अपराध से जुड़े पैसे का कहां-कहां ठिकाना लगाया गया है.

यह मामला हरियाणा सरकार की विभिन्न एजेंसियों के फंड से जुड़ा है. सरकारी एजेंसियों ने लगभग 590 करोड़ रुपए की भारी भरकम राशि IDFC फर्स्ट बैंक में जमा कराई थी. जिसकी शिकायत के बाद जांच एजेंसियां जांच कर रही है.

ये भी पढ़ें: संभल: मुस्लिम मस्जिद में नमाज कैसे पढ़ें…इस आदेश पर हाईकोर्ट ने DM-SP को फटकारा, ओवैसी बोले- फैसले का स्‍वागत

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital