Isha Foundation Defamation Case: सदगुरू की ईशा फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मीडिया पर बदनाम करने का आरोप लगाया है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने मेंशन जल्द सुनवाई की मांग की. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच जल्द सुनवाई को तैयार हो गई है. कोर्ट सोमवार को दायर याचिका पर सुनवाई करेगा. यह याचिका यूट्यूबर श्याम मीरा सिंह के खिलाफ याचिका दायर की गई है.
याचिका में मांग की गई है कि सिंह को उनके खिलाफ कथित आपत्तिजनक वीडियो और पोस्ट डालने से रोका जाए. श्याम मीरा ने 24 फरवरी को अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसका शीर्षक था- “सद्गुरु एक्सपोज्ड” जग्गी वासुदेव के आश्रम में क्या हो रहा है. उन्होंने यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शेयर किया.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी बनाया पक्षकार
इस विडियो में दावा किया गया कि ईशा फाउंडेशन के आश्रम में नाबालिगों का शोषण किया जा रहा है. इसपर फाउंडेशन के आपत्ति जताई और इसे झूठा और मानहानिकारक बताया. इसी के चलते उन्होंने मानहानि का मुकदमा दायर किया और कोर्ट से अपील की कि यूट्यूबर को इस तरह की सामग्री प्रकाशित करने पर रोक लगाए. दायर याचिका पर गूगल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स व मेटा को भी पार्टी बनाया गया है. ईशा फाउंडेशन ने हाई कोर्ट में कहा था कि यह वीडियो दुर्भावनापूर्ण व झूठा है.
फाउंडेशन के वकील ने कोर्ट से कहा था कि श्याम मीरा सिंह ने 19 फरवरी को उसके मुवक्किल को एक ईमेल भेजा था, जिसमें कहा गया था कि वह एक यूट्यूब पत्रकार है. वह सुरु के नाबालिग लड़िकयों को अपने ऊपरी कपड़े उतारने के लिए कहने के बारे में एक वीडियो बनाने का इरादा रखता है. सिंह ने आरोपों के बारे में कुछ सवाल भी पूछे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो को पिछले महीने महाशिवरात्रि से महज दो दिन पहले रणनीतिक और जानबूझकर जारी किया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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