लाल किला कार ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार आतंकी जासिर बिलाल वानी को NIA रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया. जहां कोर्ट ने बिलाल वानी की रिमांड की अवधि को सात दिन के लिए बढ़ा दिया है. बिलाल वानी को 27 नवंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने सात दिन के लिए रिमांड पर भेज दिया था. बिलाल वानी को 17 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले वानी को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लग चुका है.
हाई कोर्ट ने वानी की उस मांग को खारिज कर दिया था, जिसमें वकील से मिलने की अनुमति मांगी गई थी. जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि एनआईए मुख्यालय में वकील से मिलने की उसकी अर्जी को खारिज करने संबंधी ट्रायल कोर्ट का कोर्ट आदेश आरोपी नहीं पेश कर सका. बिलाल वानी पर लाल किला में हुए कार ब्लास्ट की साजिश रचने में शामिल रहा है.
शोएब ने दी थी आतंकी को पनाह
NIA के मुताबिक दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट तैयार करने की कोशिश की. एनआईए के मुताबिक दानिश उसने उमर उन नबी के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई थी. इससे पहले कोर्ट ने 7वें आरोपी शोएब 10 दिन और आमिर राशिद अली को सात दिन के लिए एनआईए रिमांड पर भेज दिया था. NIA जांच में खुलासा हुआ है कि शोएब ने आतंकी उमर नबी को विस्फोट से ठीक पहले पनाह दी थी और उसे लॉजिस्टिक सहायता भी मुहैया कराई थी.
शोएब ने ही नूंह में उमर को अपनी साली अफसाना के घर में कमरा किराए पर दिलाया था और पूरी गारंटी ली थी. 10 नवंबर को दिल्ली में धमाके से पहले 10 दिन उमर नूंह के इसी घर में रहा था. लाल किला के पास हुए भीषण धमाके में 15 लोगों की मौत हो चुकी है. हमले में 32 लोग घायल हो गए थे.
एनआईए जांच में पता चला कि आमिर ने हमलावर डॉक्टर उमर नबी के साथ मिलकर लाल किला में हुए धमाके की साजिश रची थी. जांच में यह भी पता चला है कि आमिर राशिद i20 कार की खरीद में मदद करने के लिए दिल्ली आया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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