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NEET-UG 2026 पेपर लीक: आरोपी शुभम खैरनार 15 जून तक न्यायिक हिरासत में, CBI ने कोर्ट में कहा- परीक्षा से पहले ही लीक था पर्चा

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में नासिक से गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को 15 जून तक के लिए जेल भेज दिया है. सीबीआई इस रैकेट के पिछले रिकॉर्ड्स और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.

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राऊज एवेन्यु कोर्ट ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार शुभम खैरनार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने शुभम खैरनार को 15 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि खैरनार सहित अन्य आरोपी परीक्षा शुरू होने से पहले ही नीट-यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्रों के लीक होने में सक्रिय रूप से शामिल थे.

पैसों के लालच में काम कर रहा था संगठित गिरोह

इससे पहले अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि शुरुआती तथ्यों से ऐसा लगता है कि पैसों के लालच में गोपनीय परीक्षा के पेपर लीक करने और उन्हें बांटने के लिए एक संगठित गिरोह काम कर रहा था. 20 मई को आरोपी की हिरासत 5 दिनों के लिए और बढ़ाई गई थी. सीबीआई ने शुभम खैरनार को नासिक से, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल व दिनेश बिवाल को जयपुर (राजस्थान) से और यश यादव को हरियाणा से गिरफ्तार किया था.

इन कड़े कानूनों और धाराओं के तहत दर्ज है FIR

सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों से निवारण) अधिनियम, 2024 की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. सूत्रों के मुताबिक मास्टर माइंड दिनेश लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था.

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मास्टरमाइंड के परिवार के 5 बच्चों के 2025 सिलेक्शन पर गहराया शक

जांच एजेंसियों के सामने सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह आया है कि दिनेश के परिवार के पांच बच्चों का वर्ष 2025 में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस (MBBS) पाठ्यक्रम में चयन हुआ था. खुद आरोपी ने भी सोशल मीडिया पर नवंबर 2025 में इसे परिवार के लिए गर्व का विषय बताते हुए पोस्ट किया था. सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इन अभ्यर्थियों को भी अवैध तरीके से 2025 की परीक्षा में लाभ तो नहीं पहुँचाया गया था. फिलहाल सीबीआई की टीम पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक की जड़ें कितनी गहरी हैं.



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