नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में जांच कर रही सीबीआई ने अपनी जांच के दायरे को बढ़ा दिया है. सीबीआई ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों की संपत्तियों की जांच करने का फैसला लिया है. सीबीआई को शक है कि ये संपत्तियां पेपर लीक रैकेट से कमाए गए पैसों से खरीदी गई हैं. सूत्रों के मुताबिक सीबीआई को संदेह है कि यही आरोपी 2024 के नीट पेपर लीक मामले में भी शामिल हो सकते हैं. एजेंसी दोनों मामलों के बीच संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है.
सीबीआई इस मामले में पुणे के कुछ प्रोफेसरों से पूछताछ करने पर विचार कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नेटवर्क में उनकी कोई भूमिका थी या नहीं. इस बीच सीबीआई ने गिरफ्तार आरोपी मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार से जुड़े ठिकानों पर हाल-फिलहाल सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को भी अंजाम दिया है और उससे जुड़ी तफ्तीश का दायरा आगे बढ़ाने में जुटी हुई है.
पीवी कुलकर्णी की भूमिका और पुणे में एक्स्ट्रा क्लासेज
मामले में पीवी कुलकर्णी की भूमिका की भी सीबीआई जांच कर रही है. कुलकर्णी के कमेटी का सदस्य होने के कारण अप्रैल के अंतिम सप्ताह में उसे प्रश्नपत्र हाथ लग गया और उसके बाद पुणे की मनीषा वाघमारे के सहारे उसने उसे लीक कर दिया. कुलकर्णी सहित कुल 11 लोगों को सीबीआई अभी तक गिरफ्तार कर चुकी है. कुलकर्णी ने इसी मामले में गिरफ्तार मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर इन छात्रों के लिए एक्स्ट्रा क्लासेज पुणे में शुरू की थीं.
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क्लास के दौरान छात्रों को सवाल बताए और उनके करेक्ट जवाब भी बताए. इन सवालों को छात्रों ने अपनी नोटबुक में हाथ से नोट किया था और फिर इन्हें 3 मई को असली पेपर में सेम टैली किया गया. सीबीआई ने बताया कि इन छात्रों ने इन प्रश्नों को अपनी नोटबुक में हाथ से लिखा और ये प्रश्न 3 मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा के मूल प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते हैं.
NTA एक्सपर्ट टीचर मनीषा माथरे गिरफ्तार
वहीं जबकि बायोलॉजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने महाराष्ट्र की सीनियर बायोलॉजी टीचर मनीषा गुरुनाथ माथरे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि माथरे को एनटीए ने नीट यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था. उन्होंने बायोलॉजी के प्रश्नपत्रों की पूरी जांच की थी. सीबीआई के मुताबिक अप्रैल 2026 में मनीषा माथरे ने पुणे की मनीषा वाघमारे के जरिये नीट के छात्रों को इकट्ठा किया और अपने पुणे स्थित घर पर स्पेशल कोचिंग क्लास चलाई. इन क्लासों में उन्होंने बायोलॉजी के कई सवाल छात्रों को बताए, नोट्स लिखवाए और किताबों में मार्क करवाए. जांच में पता चला कि इनमें से ज्यादातर सवाल मेल खाते थे.
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