राऊज एवेन्यु कोर्ट स्थित एनआईए (NIA) की विशेष अदालत ने चर्चित दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार सभी 11 आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि को 21 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया है. सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing) के जरिए अदालत में पेश किया गया. इससे पहले 29 अगस्त को अदालत ने इस मामले में दाखिल की गई चार्जशीट पर संज्ञान लिया था.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किए गए आरोपी
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किए गए प्रमुख आरोपियों में आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजामिल शकील, डॉ. आदिल अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयाब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार सहित अन्य लोग शामिल हैं.
एनआईए की चार्जशीट और मुख्य तथ्य
13 लोगों को बनाया गया है आरोपी: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दाखिल मुख्य और सप्लीमेंट्री चार्जशीट में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इनमें मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर-उन-नबी (जो विस्फोटक से भरी कार का ड्राइवर था और धमाके में मारा गया था), आमिर राशिद राथर, मुफ्ती इरफान अहमद, शाहीन, सोयाब, बिलाल और यासिर अहमद डार समेत अन्य शामिल हैं.
विस्तृत साक्ष्य और गवाह: एनआईए ने इस मामले की जांच जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों और क्षेत्रों में की है. जांच के दौरान एजेंसी ने भारी मात्रा में ठोस सबूत जुटाए हैं. चार्जशीट में 588 गवाहों के बयान, 395 से अधिक दस्तावेज और 200 से ज्यादा जब्त किए गए सामान को बतौर सबूत शामिल किया गया है. इसके अलावा, एनआईए ने मृतकों के शरीर के अंगों से जुड़ी फॉरेंसिक रिपोर्ट भी दाखिल की है.
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सप्लीमेंट्री चार्जशीट और आतंकी मॉड्यूल: इससे पहले एनआईए ने डॉक्टर शाहीन सईद और अन्य समेत 13 आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें एक फरार पीडियाट्रिशियन (बच्चों के डॉक्टर) भी शामिल है, जिसकी पहचान एक आतंकी मॉड्यूल के संस्थापक सदस्य के रूप में हुई है. सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट्ट और फरार मुजफ्फर अहमद (उर्फ जफर) को आरोपी बनाया गया है, जो सभी जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं.
अल कायदा से जुड़े तार: एनआईए के मुताबिक, फरार पीडियाट्रिशियन मुजफ्फर अहमद सह-आरोपी डॉक्टर आदिल अहमद राथर का बड़ा भाई है और वह ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ (AGUH) का संस्थापक सदस्य है, जो कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल-कायदा से जुड़ा हुआ है.
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