निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हुए हमले के मामले में आरोपी स्वतंत्र कुमार को पटियाला हाउस कोर्ट ने 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वही दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण को खारिज कर दिया है.
जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रवींद्र डुडेजा की बेंच ने दायर याचिका को खारिज कर दिया. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील उमेश शर्मा ने कोर्ट को बताया कि स्वतंत्र भारद्वाज तीन दिन से हिरासत में है और उसकी गिरफ्तारी गैर कानूनी है. जिसका दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने विरोध किया.
याचिकाकर्ता के वकील ने यह भी बताया कि दिल्ली पुलिस ने उसे 5 जून को तब गिरफ्तार किया था, जब उसके एक वीडियो की वजह से करीब दो महीने पहले हुई मारपीट की घटना ने अचानक तूल पकड़ लिया. सीजेपी आंदोलन के दौरान भारद्वाज और एक दलित शख्स के बीच मारपीट हुई थी. स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से 4 सितंबर को गिरफ्तार किया था. जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रोटेस्ट में शामिल निशु आजाद ने अपने लिए सिक्योरिटी की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही है, उन्हें नहीं पता कि उन पर कब और कहां हमला हो जाए.
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हमले का आरोप
आजाद के पिता पर जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित तौर हम हमला किया था. दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज एक पुरानी एफआईआर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट की धाराओं को भी जोड़ा था. इसके साथ ही स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं में एक नया मुकदमा भी दर्ज किया है.
हालही में स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें उसने दावा किया था कि प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के सिर पर गंभीर चोट लगी और उन्हें 60 टांके लगे. पार्लियामेंट थाने में शिकायत के बाद सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद ने कहा कि पिछले कई दिनों से आरोपी के.समर्थक उन्हें गालियां दे रहे थे और रेप की धमकियां दे रहे थे.
निशु ने यह भी कहा कि मैंने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. मुझे उम्मीद है कि पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि इन धमकियों की वजह से उनकी जिंदगी पर गहरा असर पड़ा है. जिस तरह से लोग धमकियां दे रहे थे, गालियां दे रहे थे और मेरे अश्लील स्टिकर बना रहे थे, उसकी वजह से घर से बाहर निकलने में शर्म आ रही थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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