CJI B. R. Gavai
Khajuraho Javari Temple Case: सुप्रीम कोर्ट ने खजुराहो के प्रसिद्ध जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की सिर कटी मूर्ति को पुनर्स्थापित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. सीजेआई बी. आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया है.
सीजेआई बी आर गवई ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आप भगवान विष्णु के परम भक्त हैं, तो जाइए और भगवान से ही प्रार्थना कीजिए कि वे कुछ करें. यह एक पुरातात्विक स्थल है और इसमें कोई भी बदलाव भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की अनुमति के बिना संभव नही है. क्षमा करें, हम इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते.
याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई थी कि जावरी मंदिर के गर्भगृह में स्थापित भगवान विष्णु की सात फुट लंबी मूर्ति खंडित अवस्था में अवस्था में है. उसका सिर कटा हुआ है और सर्दियों से वह वैसी ही स्थिति में रखी हुई है. मध्य प्रदेश के खजुराहों समूह के मंदिरों में शामिल जावरी मंदिर 10 वीं, 11 वीं शताब्दी के बीच निर्मित हुआ माना जाता है. यह भगवान विष्णु को समर्पित है और अपनी उत्कृष्ट नक्काशी और वास्तुकला के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है. मंदिर में मौजूद विष्णु की प्रतिमा सिर-विहीन अवस्था में है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में लंबे समय से असंतोष है.
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दलील देते हुए कहा कि यह न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है, बल्कि मंदिर की पवित्रता और गरिमा भी इससे जुड़ी है. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के पूजा-अर्चना के अधिकार की रक्षा और मंदिर की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए.
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