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सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक की एनएसए गिरफ्तारी चुनौती वाली याचिका में संशोधन की अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो को याचिका में संशोधन करने की अनुमति दे दी है. कोर्ट 29 अक्टूबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 के तहत उनकी बंदी प्रत्यक्षीकरण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

लेह के जिला मजिस्ट्रेट ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि वांगचुक राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवहार बनाए रखने और समुदाय के लिए आवश्यक सेवाओं के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल थे, जिसके कारण उनके राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया. सुप्रीम कोर्ट को यह भी सूचित किया गया है कि वांगचुक को एनएसए के तहत उनकी हिरासत और राजस्थान के जोधपुर केंद्रीय वांगचुक कारागार में उनके स्थानांतरण के बारे में स्पष्ट रूप से सूचित किया गया था.

परिवार के अधिकार पर उठे सवाल

उनकी पत्नी गीतांजलि को भी तुरंत टेलीफोन पर इसकी सूचना दी गई थी, जिसे उन्होंने स्वीकार किया है. इसके अलावा, लेह के एसएचओ ने टेलीफोन के माध्यम से सोनम की पत्नी को भी इस बारे में सूचित किया था. पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि गिरफ्तारी का अभी तक आधार नही बताया गया है. जबकि वांगचुक के परिवार को जानने का अधिकार है.

कोर्ट ने पूछा था कि आप हाई कोर्ट क्यों नही गए. आप सीधे अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट क्यों आए? सिब्बल ने कोर्ट को बताया था कि जेल में इंटरकॉम के जरिए ही मुलाकात की सुविधा मौजूद है. वही केंद्र सरकार और लद्दाख सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए. उन्होंने कोर्ट को बताया था कि गिरफ्तारी का आधार पहले ही उपलब्ध करा दिया गया है.

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती

दायर याचिका में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती दी है. यह याचिका अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई है. सोनम वांगचुक पर भाषणों के जरिए लेह में हिंसा भड़काने का आरोप है. 26 सितंबर को उन्हें एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद उनको राजस्थान के जोधपुर जेल भेज दिया गया था.

ये भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट 28 अक्टूबर से न्यायिक अधिकारियों की वरिष्ठता और करियर प्रगति मामले की सुनवाई करेगा

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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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