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सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा से जुड़े मामलों में सीबीआई से स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा से जुड़े मामलों में सीबीआई से स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सीबीआई को दो सप्ताह में स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. यह आदेश दिया है. अदालत ने प्रभावी निगरानी और पारदर्शिता पर जोर दिया है. कोर्ट ने कहा मणिपुर के मुख्य न्यायाधीश मामले की निगरानी करेंगे. कोर्ट ने कहा कि जरूरत पड़ने पर हम मामले की सुनवाई के लिए मणिपुर हाई कोर्ट में एक विशेष पीठ गठित करने का निर्देश देंगे.

कोर्ट ने पीड़ितों के परिजनों को.आरोपपत्र की कॉपी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है. सॉलिसिटर जनरल जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कुछ संगठन हिंसा जारी रखने के लिए उकसा रहे है. मेहता ने कोर्ट को बताया कि मणिपुर की स्थिति शांतिपूर्ण है. लोग स्वतंत्र रूप से यात्रा कर रहे हैं. सीमा संबंधी मुद्दे भी हैं. बेहतर होगा कि इस मुद्दे की सुनवाई स्थानीय स्तर पर हो. इसमें संवेदनशीलता का मुद्दा शामिल है.

कोर्ट ने संकेत दिया है कि अगली सुनवाई में दिशा निर्देश जारी करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2023 को पीड़ितों के राहत और पुनर्वास तथा उन्हें मुआवजा देने की निगरानी के लिए हाई कोर्ट की तीन पूर्व महिला जस्टिस की एक कमेटी गठित करने का आदेश दिया था.

गृह मंत्रालय ने गठित किया तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग

इसके अलावे महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस प्रमुख दत्तात्रेय पडसलगीकर को आपराधिक मामलों की जांच की निगरानी करने को कहा था. हालांकि गृह मंत्रालय ने भी मणिपुर में चल रही जातीय हिंसा की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था. गृह मंत्रालय द्वारा गठित कमेटी में गुवाहाटी हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अजय लांबा के अलावे पूर्व आईएएस हिमांशु शेखर और पूर्व आईपीएस आलोक प्रभाकर शामिल है.

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले पूर्व जस्टिस गीता मित्तल की अध्यक्षता में गठित कमेटी का कार्यकाल छह माह के लिए बढ़ा दिया था. बता दें कि मई 2023 से जातीय हिंसा से जूझ रहा है. जातीय हिंसा के कारण यहां 200 से अधिक लोग मारे गए है. कई सौ घायल हुए है और हजारों लोग विस्थापित हुए है.

ये भी पढ़ें: संगीतकार एआर रहमान के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 20 फरवरी को सुनवाई करेगा

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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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