संगीतकार एआर रहमान के खिलाफ उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर की कॉपीराइट याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 20 फरवरी को सुनवाई करेगा. ‘वीरा राजा वीरा’ गाने को लेकर यह विवाद चल रहा है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ डागर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है.
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर से पहले इसे कोई गया है क्या? वही एआर रहमान की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि रहमान के गाने के बाद कई अन्य लोगों ने भी गाया है, लेकिन उनके खिलाफ कॉपीराइट का मुकदमा दायर नही किया गया है.
सीजेआई ने वरिष्ठ वकील सिंघवी से कहा कि जो 2करोड़ रुपए जमा है, उसे जमा ही रहने दीजिए. रहमान ने अपने बचाव में यह भी कहा है कि गाने के बोल अलग हैं और यह 13वीं शताब्दी के नारायण पंडित आचार्य की रचना से प्रेरित है, न कि डागर परिवार की मूल रचना. गायक डागर ने 2023 में दावा किया कि मणिरत्नम की फिल्म ‘पोन्नियिन सेल्वन 2’ के इस गीत में उनके परिवार की 1970के दशक की ‘शिव स्तुति’ का बिना अनुमति ताल-लय का उपयोग हुआ है. यह स्तुति वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गा चुके हैं. दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सिंगल जज ने इस आधार पर गलती की कि यदि किसी रचना को कोई कलाकार प्रस्तुत करता है तो उसे ही उसका संगीतकार मान लिया जाए. अगर हम इसे मान ले तो हमें कॉपीराइट एक्ट में कंपोजर की परिभाषा ही बदलनी होगी.
दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘फिक्सेशन’ नियम की अनदेखी की- डागर
डागर की याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कॉपीराइट कानून में ‘फिक्सेशन’ (कार्य का किसी भौतिक रूप में दर्ज होना) की अनिवार्यता को लेकर स्थापित कानूनी स्थिति की अनदेखी की. इसके अलावा, डागर ने कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 55(2) की व्याख्या पर भी आपत्ति जताई है. यह धारा कहती है कि यदि किसी प्रकाशित कृति के साथ किसी व्यक्ति का नाम जुड़ा है, तो उसे उसका लेखक माना जाएगा, जब तक कि इसके विपरीत प्रमाण न हो. पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित उस्ताद फैयाजुद्दीन वसीफुद्दीन डागर ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि वीरा राजा वीरा गाने की धुन उनके पिता उस्ताद नासिर फैयाजुद्दीन डागर और चाचा द्वारा उस्ताद नासिर जाहिरूद्दीनडागर द्वारा रचित शिवा स्तुति से कॉपी की गई है.
डागर ने दावा किया कि भले ही गाने के बोल अलग है, लेकिन इसका संगीतमय ढांचा, लय और बीट्स शिवा स्तुति से पूरी तरह मिलते-जुलते है. हालांकि एआर रहमान ने आरोपों से इनकार कर दिया है. एआर रहमान ने कहा कि शिव स्तुति ध्रुपद शैदी के अंदर के ट्रेडिशनल कम्पोजीशन है, जो पब्लिक डोमेन का हिस्सा है.
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