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सुप्रीम कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को जहर देने के आरोप वाली याचिका खारिज की, कहा- आरोप निराधार

मुख्तार अंसारी की मौत पर जहर देने के आरोप की जांच की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की. कोर्ट ने कहा कि आरोप आधारहीन हैं और वह इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता…

Mukhtar Ansari

मुख्तार अंसारी.

गैंगस्टर- मुख्तार अंसारी को जहर देकर मारने की आरोप वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. यह याचिका उमर अंसारी की ओर से दायर की गई थी. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोप निराधार हैं. दायर याचिका में मुख्तार अंसारी की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज कर एसआईटी के गठन की मांग की गई थी. कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप नही कर सकता है. जस्टिस एम. एम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह फैसला दिया है.

हिरासत में मौत की जांच ज़रूरी

सुनवाई के दौरान सिब्बल ने कहा था कि उस व्यक्ति को वापस जेल ले जाया गया और उसकी मृत्यु हो गई. जांच की जानी चाहिए. उसे वहां जहर दिया गया. जस्टिस रॉय ने कहा था कि सिब्बल जी, हम उसे वापस नहीं ला सकते. जिसपर सिब्बल ने कहा था कि इस देश में इंसानों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जा सकता. एएसजी नटराज ने कहा था कि शुरू में जो मांग की गई थी, उसे सुलझा लिया गया है.

सिब्बल ने कहा था कि याचिकाकर्ता को जो आशंका थी वही हुआ. जस्टिस रॉय ने कहा था कि सिब्बल का कहना है कि दोषी कैदी को जेल में अपेक्षित चिकित्सा उपचार से वंचित कर दिया गया और इसके कारण हिरासत में मौत हो गई. सिब्बल ने कहा था कि आरोप है कि उन्हें जो खाना दिया गया उसमें जहर मिला हुआ था.

अदालत ने यह दलील दर्ज की कि यह केवल मौत नहीं थी, बल्कि जेल प्राधिकारी द्वारा की गई विशिष्ट कार्रवाई का परिणाम थी. उमर अंसारी की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने मुख्तार अंसारी की हिरासत में हुई मौत पर सवाल उठाया था. सिब्बल ने कहा था कि आरोप है कि जेल में उन्हें ज़हर दिया गया था. इसकी जांच ज़रूरी है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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