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सुप्रीम कोर्ट जुलाई में तमिलनाडु के विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति विवाद पर करेगा सुनवाई, पढ़ें क्या है पूरा मामला

तमिलनाडु सरकार द्वारा राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति से राज्यपाल का अधिकार हटाने संबंधी कानून पर मद्रास हाईकोर्ट की रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई है. कोर्ट जुलाई में करेगा सुनवाई.

supreme court

तमिलनाडु सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों (वीसी) को नियुक्ति से संबंधित दायर ट्रांसफर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जुलाई में सुनवाई करेगा. यह ट्रांसफर याचिका तमिलनाडु सरकार की ओर से दायर की गई है. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका को जुलाई में सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है.

राज्य सरकार द्वारा दायर यह जनहित याचिका राज्य के कुछ कानूनों के खिलाफ है, जिसके तहत राज्यपाल से राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति करने का अधिकार छीन लिया गया है.

मद्रास हाईकोर्ट ने लगाए संशोधन पर रोक

हाल ही में मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार द्वारा पारित किए गए संशोधनों की एक सीरीज पर रोक लगा दिया था. इन संशोधन के तहत राज्य सरकार ने राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को नियुक्त करने की शक्ति राज्यपाल से लेकर राज्य सरकार को देने की कोशिश की थी. जबकि पहले यह अधिकार मुख्य रूप से राज्यपाल के पास था, जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों का पालन करता था.

हाई कोर्ट द्वारा तमिलनाडु सरकार को विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्त करने की अनुमति की अनुमति देने वाले 10 अधिनियमों के संचालन प्रावधानों पर रोक लगाने के आदेश जारी करने के बाद, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर रखा है.

सरकारी अधिसूचना और राजपत्र में प्रकाशन

यह संशोधन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों से टकरा रहा था, जो कुलपतियों की नियुक्ति को कुलाधिपति (राज्यपाल) के हाथों में अनिवार्य रूप से देखता है. तमिलनाडु में राज्यपाल सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते है.

तमिलनाडु सरकार ने संशोधन अधिनियमों को कानून के रूप में अधिसूचित किया और 11 अप्रैल को राज्य राजपत्र में प्रकाशित किया. डीएमके सांसद पी विल्सन, जो एक वरिष्ठ अधिवक्ता भी हैं, ने कहा था कि तिरुनेलवेली से भाजपा से जुड़े एक वकील ने मद्रास हाईकोर्ट के अवकाश पीठ के समक्ष याचिका दायर करने के लिए चेन्नई गए थे.

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-भारत एक्सप्रेस 



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