16 लड़कियों से छेड़छाड़ के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को पटियाला हाउस कोर्ट ने 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. बाबा को पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट रवि के यहां पेश कर पांच दिन की रिमांड मांगा था. बाबा पर लड़कियों से छेड़छाड़ के अलावे 40 करोड़ रुपए का घपला करने का भी आरोप है. बाबा के पास से दिल्ली पुलिस ने दो पासपोर्ट, फर्जी विजिटिंग कार्ड, तीन मोबाइल फोन, आई पैड सहित कई अन्य दस्तावेज बरामद किया गया है. दिल्ली पुलिस द्वारा दायर रिमांड अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि इसपर 16 लड़कियों के साथ यौन शोषण का आरोप है. दिल्ली पुलिस ने कहा कि बाथरूम तक में कैमरे लगाए गए. वही चैतन्यानंद के वकील ने पुलिस कस्टडी का विरोध किया.
लड़कियों से कंफ्रंटेशन और डिजिटल सबूतों की जांच
दिल्ली पुलिस ने कहा हमे बाबा से पीड़ित लड़कियों का कंफ्रंट करवाना है. बाबा ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की है. इसके अलावा अन्य डिजिटल सबूतों के साथ कॉन्फ्रेंट करवाना है. बाबा को हालही में पटियाला हाउस कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद बाबा की यह गिरफ्तारी हुई है.
फर्जी दस्तावेजों से किया घपला
बता दें कि 1998 में दिल्ली के उपराज्यपाल ने बसंत कुंज में शारदा पीठ को प्लॉट आवंटित किया था, जिसपर ये मठ है. बाबा को सीमित कामों के लिए मठ का अटॉर्नी बनाया गया था. 2008 में बाबा ने बिना इजाजत के कुछ लोगों के साथ मिलकर इंस्टिट्यूट में बदल दिया. बाबा पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 40 करोड़ रुपये का घपला किया. बाबा पर बिना अनुमति के मठ की प्रॉपर्टी को किराए पर देने का भी आरोप है. बाबा के पास से बरामद पहला पासपोर्ट स्वामी पार्थ सारथी के नाम से है, जबकि दूसरा पासपोर्ट स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के नाम पर है.
जांच में पता चला है कि यह पासपोर्ट फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनवाया गया है. पहले पासपोर्ट में जन्मस्थान दार्जलिंग लिखा हुआ है, जबकि दूसरे पासपोर्ट में जन्म स्थान तमिलनाडु लिखा हुआ है. इसके पास से बरामद पैन कार्ड में पिता का नाम स्वामी घनानंद पूरी लिखवाया है. इसके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में दो एकाउंट थे और दोनों अलग-अलग नामों से थे. जबकि ट्रस्ट के नाम पर 18 से ज्यादा एकाउंट और 28 एफडी हैं. इनमें लगभग 8 करोड़ रुपए थे. इनको भी दिल्ली पुलिस ने जब्त कर लिया है. बाबा पर 2009 में भी छेड़छाड़ का आरोप लगा था. 2016 में इसी संस्थान की एक महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी.
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भारत एक्सप्रेस
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