दिल्ली पुलिस ने लड़कियों से यौन शोषण के मामले में तिहाड़ जेल में बंद स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती सहित अन्य के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया है. जुडिशियल मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने को लेकर 27 नवंबर को सुनवाई करेगा. चैतन्यानंद ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर तिहाड़ जेल में जान का खतरा बताया है.
उन्होंने अपनी अर्जी में कहा है कि जेल प्रशासन न तो उसे सुरक्षित माहौल दे रहा है और न ही अदालत द्वारा अनुमति दिए गए अधिकारों का पालन कर रहा है. चैतन्यानंद ने कोर्ट को यह भी बताया कि तीन बार कोर्ट द्वारा आदेश दिए जाने के बावजूद अभी तक उसे गेरुआ वस्त्र मुहैया नही कराया गया है.
इससे पहले चैतन्यानंद सरस्वती की ओर से पेश वकील ने यह कहते हुए जमनात याचिका को वापस ले लिया था कि इस मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुका, जिसका विश्लेषण करने के बाद आगे की कानूनी रणनीति अपनाएंगे, लिहाजा याचिका को वापस लेने की मंजूरी दी जाए. जिसके बाद कोर्ट ने याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी थी. पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन के एक नेता के साथ फर्जी तस्वीरे सहित कई अन्य तस्वीरों को जब्त किया है.
चैतन्यानंद के फोन से मिला डिजिटल सबूत
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तराखंड के अल्मोडा में एक गेस्ट हाउस में चैतन्यानंद छात्राओं के साथ रुका था. पुलिस को चैतन्यानंद के फोन से डिजिटल सबूत भी मिले है. इनमें वह वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में छात्राओं की फोटों पर आपत्तिजनक कमेंट कर रहा हैं. जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने बाबा के कमरे से पुलिस ने एक सेक्स टॉय और 5 पोर्न सीडी भी बरामद की है.
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में खुलासा किया कि चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 232 को जोड़ा गया है, जो किसी गवाह को झूठी गवाही देने के लिए धमकाने से संबंधित हैं. इसके अलावे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75 (2), धारा 79, धारा 351 (2) में तहत एफआईआर दर्ज है.
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-भारत एक्सप्रेस
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