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ट्विशा मौत मामला: सास गिरिबाला की अग्रिम जमानत रद्द, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी; बेटे के साथ होगी आमने-सामने पूछताछ

ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई (CBI) की जांच तेज हो गई है. पूर्व जिला जज और सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है.

CBI

ट्विशा मौत मामले में उसकी सास गिरिबाला सिंह की आने वाले समय में बढ़ सकती हैं मुश्किलें. सीबीआई सूत्रों के मुताबिक सीबीआई गिरिबाला सिंह को जल्द गिरफ्तार कर सकती है. गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सीबीआई ने अपनी जांच को तेज कर दिया है. वहीं गिरिबाला सिंह के बेटे और ट्विशा के कथित हत्या मामले में आरोपी समर्थ सिंह की कस्टडी सीबीआई को सौंप दी गई है. सूत्रों के मुताबिक एजेंसी दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर संयुक्त तौर पर पूछताछ कर सकती है. सीबीआई के मुताबिक घटना से जुड़े मोबाइल नंबरों की सीडीआर और टावर लोकेशन सुरक्षित रखने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को पत्र भेजे गए हैं, उसकी रिपोर्ट जल्द आ सकती है. सीबीआई ने टेलीकॉम कंपनियों को 12 मई से 20 मई तक की सीडीआर सुरक्षित रखने को कहा है.

शव पर चोट के निशान और हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द

सीबीआई ने सवाल उठाया है कि ट्विशा के शव पर कई चोट के निशान थे लेकिन उनके पति और सास ने इसको लेकर कोई एक्सप्लेनेशन सब्मिट नहीं किया है, ऐसा क्यों? क्वेरी रिपोर्ट से साफ है कि डेड बॉडी पर निशान लीगेचर (शव को बांधने वाली रस्सी) से नहीं हो सकता है, तो डेड बॉडी पर चोट के निशान आए कहां से? एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने निचली अदालत से मिली अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया है. तभी से गिरिबाला को अब गिरफ्तारी का डर सताने लगा है. भोपाल की निचली अदालत ने 15 मई को गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी. जिसको रद्द करते हुए हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने कहा कि मामले में गंभीर आरोप, जांच में सहयोग न करना और उपलब्ध साक्ष्यों की अनदेखी की गई थी.

परिवार के गंभीर आरोप

ट्विशा शर्मा 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थी. 15 मई को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी. ट्विशा के परिवार का आरोप है कि ट्विशा पर दहेज को लेकर परिवार का अत्याचार शुरू हो गया. लगातार मोटी रकम और कीमती सामान की मांग की जा रही थी. साथ ही ट्विशा के चरित्र पर झूठे आरोप भी लगाए जा रहे थे. साथ ही प्रेग्नेंट होने के बाद ट्विशा का अबॉर्शन करवा दिया गया. इसके अलावा बताया गया है ट्विशा को मानसिक बीमारी दिखाने के लिए दवाइयां दी जा रही थीं. 33 साल की ट्विशा नोएडा की रहने वाली थीं. वे एक एमबीए ग्रेजुएट, मॉडल और पूर्व मिस पुणे कंटेस्टेंट और योग टीचर थीं. एक डेटिंग एप के जरिए भोपाल के वकील समर्थ सिंह से उसकी मुलाकात हुई थी. शादी के बाद ट्विशा पति के साथ भोपाल शिफ्ट हो गई. ट्विशा की दिसंबर 2025 में शादी हुई थी. समर्थ सिंह एमपी सरकार में पूर्व लीगल एडवाइजर रह चुका है. उसकी मां जिला जज रह चुकी है.

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46 नंबरों की CDR से खुलासा और CBI जांच की सिफारिश

ट्विशा के पिता ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड से जुड़ी 46 मोबाइल नंबरों की सूची सार्वजनिक करते हुए बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्विशा की मौत के अगले दिन उसकी सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह ने प्रभावशाली लोगों को कॉल किए थे. वहीं मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 20 मई को ट्विशा के परिजनों से हुई मुलाकात के दौरान ट्विशा की मौत की सीबीआई से जांच करवाने का आश्वासन दिया था. बता दें कि ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं, वह मध्य प्रदेश सरकार का स्टैंडिंग काउंसिल रह चुका है जबकि उनकी सास गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज हैं. इन दोनों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है.



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