उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में सजा बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर कुलदीप सिंह सेंगर और सीबीआई को जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया गया है. कोर्ट 28 मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
पीड़िता ने की है ज्यादा सजा की मांग
पीड़िता ने दोषी कुलदीप सेंगर को तीस हजारी कोर्ट से मिली 10 साल की सजा को चुनौती दी है और ज्यादा सजा की मांग की है. पिछली सुनवाई के दौरान सेंगर के वकील ने कोर्ट को बताया था कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सुनवाई पूरी करने के लिए 3 महीने का समय दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को दिया था 3 महीने का वक्त
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि दिल्ली हाई कोर्ट सेंगर की अपील और विक्टिम द्वारा सजा बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर योग्यता के आधार पर तीन महीने में निपटारा करे. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि हम कोई भी ओपिनियन नहीं दे रहे हैं. चूंकि सजा की अवधि आरोपी जेल में काट चुका है इसलिए जमानत की मांग पर हाई कोर्ट तीन महीने में फैसला करे. 18 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था. सेंगर ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
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क्या है पूरा मामला?
ज्ञात हो कि कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप है कि साल 2017 में पीड़िता का अपहरण कर उससे बलात्कार करने का दोष साबित हुआ था. घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी. 13 मार्च 2020 को निचली अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की कठोर सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. निचली अदालत ने फैसला देते हुए कहा था कि परिवार के एकमात्र कमाने वाले की हत्या के लिए कोई नरमी नहीं बरती जा सकती.
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