दिल्ली हाई कोर्ट ने तरुण बुटोलिया हत्या केस में मृतक के परिवार को पुलिस सुरक्षा देने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने पुलिस अधिकारी का निजी नंबर देने को भी कहा है ताकि जरूरत पड़ने पर परिवार तुरंत संपर्क कर सके. यह मामला होली के दिन हुए विवाद से जुड़ा है, जो बाद में हिंसा में बदल गया.
हत्या के मामले HC की बड़ा फैसला
उत्तम नगर में तरुण बुटोलिया हुई हत्या के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने मृतक के परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया है. जस्टिस गिरीश कथपालिया की बेंच ने पुलिस अधिकारी का निजी मोबाइल नंबर मुहैया कराने का आदेश दिया है. ताकि परिवार शंकट की घड़ी में परिवार उनसे संपर्क कर सके.
पुलिस सुरक्षा की मांग की
कोर्ट तरुण के परिवार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है. दायर याचिका में उन्होंने अपने जीवन और स्वतंत्रता को गंभीर खतरे का हवाला देते हुए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा की मांग की थी. दायर याचिका में भड़काऊ और साम्प्रदायिक रूप से उत्तेजक वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग की है. बता दें कि यह घटना होली के दिन पानी का गुब्बारा फेंकने को लेकर शुरू हुआ था.
दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू
एक लड़की ने कथित तौर पर दूसरे समुदाय की एक महिला पर पानी का गुब्बारा फेंक दिया था, जिसके बाद दोनों परिवारों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते-देखते दोनों पक्षों के लोग सड़क पर इकठ्ठा हो गए. बाद में यह झगड़ा हिंसक हो गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई. जिसमें 8 लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.
ईलाज के दौरान उसकी मौत
इनमें 26 वर्षीय तरुण को गंभीर चोटें आई थी और ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. शुरू में इस मामले में गिरफ्तार भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन तरुण की मौत के बाद दर्ज एफआईआर में धारा 103 (1) (हत्या) भी जोड़ दी गई.
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-भारत एक्सप्रेस
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