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International Mountain Day: 11 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय पर्वतीय दिवस, जानें इस दिन का इतिहास और महत्व

International Mountain Day 2024: हर साल 11 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय पर्वतीय दिवस (International Mountain Day) मनाया जाता है, इसका उद्देश्य पर्वतों के महत्व को उजागर करना और पर्यावरणीय परिवर्तनों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. पर्वतों की एक विशिष्ट पहचान है, क्योंकि वे केवल प्राकृतिक सुंदरता का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि हमारी जीवनशैली, जलवायु और जैव विविधता से भी गहरे रूप से जुड़े हुए हैं.

संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) ने पर्वतों के जीवन में योगदान को पहचानने के लिए इस दिवस की शुरुआत की. 2002 में, संयुक्त राष्ट्र ने पहाड़ों के महत्व को उजागर करने के लिए वर्ष को अंतर्राष्ट्रीय पर्वत वर्ष के रूप में घोषित किया. इसके बाद, 11 दिसंबर 2003 को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय पर्वतीय दिवस मनाया गया.

अंतर्राष्ट्रीय पर्वतीय दिवस की थीम

हर साल इस दिन एक विशिष्ट विषय के तहत मनाया जाता है. वर्ष 2024 के लिए इस दिवस की थीम ‘सतत भविष्य के लिए पर्वतीय समाधान-नवाचार, अनुकूलन, युवा और उससे आगे’ (Mountain solutions for a sustainable future-innovation, adaptation, youth and beyond) निर्धारित की गई है. इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं की सक्रिय भागीदारी, नवाचार और अनुकूलन के जरिए पर्वतों को सशक्त बनाने पर जोर देना है, और यह भी दर्शाता है कि पर्वतों के भविष्य के निर्माण में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है.

इतिहास

1992 में पर्यावरण और विकास पर UN सम्मेलन में पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए विशेष ध्यान दिया गया. इसके बाद, 2002 में अंतर्राष्ट्रीय पर्वत वर्ष की घोषणा की गई. 2003 में पहली बार इस दिन को मनाने की परंपरा शुरू हुई.

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महत्व

अंतर्राष्ट्रीय पर्वतीय दिवस ने पहाड़ों की पारिस्थितिकी और उनके संरक्षण के महत्व को समझाने में अहम भूमिका निभाई है. इसके परिणामस्वरूप पर्वतीय पर्यटन की लोकप्रियता बढ़ी है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद करता है. हालांकि, पर्यटकों की लापरवाही से पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र पर खतरा बढ़ सकता है, इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम पर्यावरण की रक्षा करें और जैव विविधता को बनाए रखें.

-भारत एक्सप्रेस 

निहारिका गुप्ता

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