Bharat Express DD Free Dish

पीड़ा में भी महादेव का स्मरण, 25 दिनों की साधना के बाद भस्म आरती में दिखी शिवभक्ति

स्वामी पूज्य आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी ने प्रतिदिन 20 घंटे तक एक ही आसन पर बैठकर साधना की.

सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में जब भस्म आरती हुई तो वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा. पच्चीस दिनों तक लगातार कठोर साधना करने के बाद पूज्य आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज जिस अवस्था में आरती में शामिल हुए वह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहा.

शरीर थका लेकिन भक्ति में कमी नहीं

स्वामी जी ने प्रतिदिन 20 घंटे तक एक ही आसन पर बैठकर साधना की. इतनी लंबी साधना के बाद उनके लिए खड़ा होना भी मुश्किल था लेकिन उन्होंने भारी भस्म का थैला उठाकर आरती की. शरीर पीड़ा से गुजर रहा था फिर भी उनकी भक्ति और संकल्प अडिग रहे.

आरती में गूंजता रहा महादेव का नाम

आरती के दौरान उनके मुख से बार-बार ‘महादेव… महादेव…’ का उच्चारण हो रहा था. ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो शरीर की सारी थकान पीछे छूट गई हो और उनकी चेतना पूरी तरह भोलेनाथ में विलीन हो गई हो. पीड़ा के बावजूद उनका समर्पण और भक्ति भाव लगातार बना रहा.

श्रद्धालुओं की आंखों में छलके आंसू

इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं. किसी ने इसे अटूट तपस्या कहा, किसी ने शिवभक्ति की पराकाष्ठा तो किसी ने इसे महादेव के प्रति पूर्ण समर्पण का जीवंत उदाहरण माना.

साधना से जीवन का संकल्प

पच्चीस दिनों की कठोर साधना के बाद भी उसी ऊर्जा और विश्वास के साथ भस्म आरती में शामिल होना यह दिखाता है कि स्वामी जी के लिए साधना केवल कर्मकांड नहीं बल्कि जीवन का संकल्प है.

पीड़ा से ऊपर रहा शिव का स्मरण

मंदिर परिसर में उस समय मानो हर ओर एक ही भाव था. शरीर पीड़ा में था लेकिन मन महादेव में. कदम साथ नहीं दे रहे थे पर शिव का नाम रुक नहीं रहा था.

ये भी पढ़ें-आज का पंचांग: सावन के अंतिम भौम प्रदोष पर अद्भुत संयोग, जानें मंगलवार के शुभ मुहूर्त

हर ओर सुनाई दिया महादेव का जयघोष

श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू थे और वातावरण में सिर्फ एक ही धुन गूंज रही थी ‘महादेव… महादेव…’. यह आरती केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं रही बल्कि एक भावुक और आध्यात्मिक क्षण बन गई जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read