Aaj ka Panchang 24 march 2026: 25 मार्च 2026, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास है. चैत्र मास की शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि दोपहर 1 बजकर 50 मिनट तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि का आरंभ होगा. इस दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे और सूर्य मीन राशि में स्थित रहेंगे.
सूर्योदय और चंद्रोदय
- सूर्योदय: सुबह 06:20 बजे
- सूर्यास्त: शाम 06:35 बजे
- चंद्रोदय: सुबह 10:53 बजे
- चन्द्रास्त: 26 मार्च की रात 01:35 बजे
आज का पंचांग
- तिथि: सप्तमी दोपहर 01:50 बजे तक, उसके बाद अष्टमी
- नक्षत्र: मृगशिरा शाम 05:33 बजे तक, फिर आर्द्रा
- योग: सौभाग्य योग 26 मार्च रात 03:09 बजे तक, उसके बाद शोभन योग
- करण: वणिज करण दोपहर तक, फिर विष्टि करण
वार और पक्ष
आज बुधवार है और पूरा दिन शुक्ल पक्ष रहेगा.
संवत और मास
- विक्रम संवत: 2083 सिद्धार्थी
- शक संवत: 1948 पराभव
- गुजराती संवत: 2082 पिंगल
- चंद्र मास: चैत्र (पूर्णिमांत और अमान्त दोनों)
- बृहस्पति संवत्सर: सिद्धार्थी
राशि और नक्षत्र
- चंद्रमा: मिथुन राशि में
- सूर्य: मीन राशि में, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में
- मृगशिरा नक्षत्र: तृतीय चरण सुबह 11:54 बजे तक, चतुर्थ चरण शाम 05:33 बजे तक
- आर्द्रा नक्षत्र: शाम 05:33 बजे से प्रारंभ
ऋतु और अयन
- वसंत ऋतु का प्रभाव रहेगा और उत्तरायण जारी रहेगा.
- दिनमान: 12 घंटे 15 मिनट 30 सेकंड
- रात्रिमान: 11 घंटे 43 मिनट 19 सेकंड
- मध्याह्न काल: दोपहर 12:27 बजे
शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:45 से 05:33 बजे
- प्रातः सन्ध्या: 05:09 से 06:20 बजे
- विजय मुहूर्त: 02:30 से 03:19 बजे
- गोधूलि मुहूर्त: 06:34 से 06:57 बजे
- सायाह्न सन्ध्या: 06:35 से 07:45 बजे
- अमृत काल: 09:19 से 10:48 बजे
- निशिता मुहूर्त: 26 मार्च रात 12:03 से 12:50 बजे
- सर्वार्थ सिद्धि योग: 06:20 से 05:33 बजे तक
अशुभ समय
- राहुकाल: 12:27 से 01:59 बजे
- यमगण्ड: 07:51 से 09:23 बजे
- गुलिक काल: 10:55 से 12:27 बजे
- दुर्मुहूर्त: 12:03 से 12:52 बजे
- भद्रा: 01:50 बजे से 26 मार्च रात 12:47 बजे तक
- मृत्यु बाण: 26 मार्च रात 02:44 बजे तक, उसके बाद अग्नि बाण
योग और निवास
- आनन्दादि योग: अमृत योग शाम 05:33 बजे तक, फिर मुसल योग
- तमिल योग: अमृत योग शाम 05:33 बजे तक, फिर मरण योग
- दिशा शूल: उत्तर दिशा
- अग्निवास: दोपहर तक पृथ्वी पर, फिर आकाश में
- चंद्र वास: पश्चिम दिशा
- राहु वास: दक्षिण-पश्चिम दिशा
- भद्रावास: स्वर्ग में
- शिववास: दोपहर तक भोजन में, फिर श्मशान में
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25 मार्च का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. मां कालरात्रि की पूजा और शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता दिलाएंगे, जबकि अशुभ समय में सावधानी बरतना आवश्यक होगा.
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