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सोमवार का पंचांग: राहुकाल और अशुभ समय से बचें, जानें सही मुहूर्त

Aaj ka panchang: 9 मार्च 2026 चैत्र मास कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, सोमवार को शिव पूजा का विशेष महत्व है. जानें आज का पंचांग, शुभ-अशुभ समय, नक्षत्र, योग, करण और राहुकाल.

Aaj ka panchang: सोमवार, 9 मार्च 2026 को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि रहेगी, जो रात 11:27 बजे तक मान्य है. इसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ होगा. इस दिन चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेगा. दिन के पहले हिस्से में विशाखा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और बाद में अनुराधा नक्षत्र प्रारंभ होगा.

विशाखा नक्षत्र को दृढ़ इच्छाशक्ति और लक्ष्य साधने की क्षमता से जोड़ा जाता है. इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में व्यक्ति का धैर्य और संकल्प मजबूत होता है, इसलिए आज का दिन अधूरे काम पूरे करने और नई योजनाओं पर ध्यान देने के लिए शुभ माना गया है.

सूर्योदय और चंद्रोदय

आज सूर्योदय सुबह 6:30 बजे होगा. हिंदू परंपरा में सूर्योदय को दिन की शुभ शुरुआत माना जाता है और इसी समय स्नान, दान, जप तथा पूजा-पाठ का महत्व होता है. सूर्य को अर्घ्य देने से सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य लाभ मिलता है. चंद्रोदय रात 10:37 बजे होगा, जो चंद्र पूजा और व्रत रखने वालों के लिए विशेष महत्व रखता है.

शुभ मुहूर्त

महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आज कई शुभ समय उपलब्ध हैं-

  • ब्रह्म मुहूर्त: 05:08 से 05:56
  • अमृत काल: 06:23 से 08:10
  • अभिजीत मुहूर्त: 12:13 से 01:00

ब्रह्म मुहूर्त ध्यान, जप और साधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है. वहीं अभिजीत मुहूर्त में किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक रहती है.

राहुकाल और अशुभ समय

पंचांग में राहुकाल को अशुभ माना जाता है और इस दौरान नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए.

  • राहुकाल: 08:13 से 09:41
  • यमगंड: 11:09 से 12:37
  • गुलिक काल: 02:05 से 03:33
  • दुर्मुहूर्त: 01:00 से 01:47 और 03:21 से 04:08
  • जरूरी कार्यों की शुरुआत इन समयों से बचकर करनी चाहिए.

योग और करण

आज सुबह तक व्याघात योग रहेगा, जिसके बाद हर्षण योग प्रारंभ होगा. हर्षण योग को उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है. इस योग में किए गए कार्यों में मनोबल मजबूत रहता है और निर्णय लेने में स्पष्टता मिलती है.

करण की बात करें तो दिन की शुरुआत गर करण से होगी और बाद में वणिज करण रहेगा.

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धार्मिक महत्व

पंचांग केवल तिथि और नक्षत्र बताने वाला कैलेंडर नहीं है बल्कि यह भारतीय संस्कृति और ज्योतिष परंपरा का आधार है. इसके पांच अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण मिलकर दिन की ज्योतिषीय स्थिति को स्पष्ट करते हैं. इन्हीं के आधार पर शुभ-अशुभ समय और पूजा-पाठ की विधि तय होती है.

सोमवार का दिन भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है. आज का दिन संकल्प लेने, अधूरे काम पूरे करने और नई योजनाओं की शुरुआत करने के लिए अनुकूल है. यदि दिन की शुरुआत शुभ मुहूर्त में प्रार्थना और सकारात्मक विचारों के साथ की जाए तो पूरे दिन संतुलन और ऊर्जा बनाए रखना आसान हो जाता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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